देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की आज पुण्यतिथि है। आज ही के दिन साल 1984 में प्रधानमंत्री आवास पर सिख अंगरक्षकों ने उनकी हत्या कर दी थी। इलाहबाद हाईकोर्ट में अपने खिलाफ फैसला आने के बाद इंदिरा ने 25 जून 1975 को देश में आपातकाल की घोषणा कर दी थी। इस दिन को भारतीय लोकतंत्र का काला दिवस कहा गया। इस दौरान देश में कई गिरफ्तारियां हुईं। कई लोगों ने सरकार के आगे घुटने टेक दिए लेकिन कुछ ने ऐसा करने से मना कर दिया। इनमें से एक थे मशहूर सिंगर-कंपोजर किशोर कुमार।
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kishore kumar
- फोटो : Social Media
1975 में जब इंदिरा गांधी सरकार ने आपातकाल लगा दिया था तो इसके शिकार किशोर कुमार भी हुए थे। कहा जाता है कि वो अपने नियमों के काफी पक्के थे और अपने उसूलों से कभी समझौता नहीं करते थे, शायद इसी का नतीजा रहा कि उनके गानों पर पाबंदी लगा दी गई थी।
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- फोटो : file photo
दरअसल, आपातकाल के दौरान कांग्रेस चाहती थी कि सरकारी योजनाओं की जानकारी किशोर कुमार अपनी आवाज में गाना गाकर दें। कांग्रेस को भी समझ आ गया था कि उन्हें एक ऐसे आवाज की जरूरत है जो उसकी बात आम जनता तक पहुंचा सके। इसके लिए उन्होंने किशोर कुमार से संपर्क किया।
इंदिरा गांधी सरकार में उस दौरान सूचना प्रसारण मंत्री वीसी शुक्ला थे। उन्होंने किशोर कुमार के पास संदेशा भिजवाया कि वो इंदिरा गांधी के लिए गीत गाएं जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सरकारी की आवाज पहुंचे लेकिन किशोर कुमार ने गाना गाने से मना कर दिया। किशोर कुमार ने संदेश देने वाले से पूछा कि उन्हें ये गाना क्यों गाना चाहिए तो उसने कहा, क्योंकि वीसी शुक्ला ने ये आदेश दिया है।
आदेश देने की बात सुनकर किशोर कुमार भड़क गए और उन्होंने उसे डांटते हुए मना कर दिया। यह बात कांग्रेस को इस कदर नागवार गुजरी कि उन्होंने किशोर कुमार के गाने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर बैन कर दिए। यह बैन 3 मई 1976 से लेकर आपातकाल खत्म होने तक जारी रहा। किशोर कुमार के गाने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर नहीं चलाए जाते थे।