अभिनेता ऋतिक रोशन बचपन में हकलाने की समस्या से जूझ रहे थे। ऐसे में जब ट्विटर पर उन्हें पता चला कि एक छात्र को भी हकलाने की दिक्कत है तो ऋतिक उसके समर्थन में आ गए। छात्र के हकलाने की समस्या की वजह से उसे क्लास में प्रेजेंटेशन देने से मना कर दिया गया था जिसके बाद छात्र के आत्मविश्वास पर फर्क पड़ा है। अब इस वजह से छात्र यूनिवर्सिटी नहीं जाना चाहता है।
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ऋतिक रोशन
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एक यूजर ने ट्विटर पर लिखा- 'मेरे कजिन को हकलाने की समस्या है। क्लास में वो अपना प्रेजेंटेशन दे रहा था लेकिन उसके एचओडी/लेक्चरर ने उसे प्रेजेंटेशन देने से मना किया और कहा कि अगर तुम ठीक से नहीं बोल पा रहे हो तो तुम्हें पूरी क्लास के सामने प्रेजेंटेशन नहीं देनी चाहिए। इस घटना के बाद से वो सदमे में है और अभी तक कमरे से बाहर नहीं आया है।'
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ऋतिक रोशन
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यूजर के ट्वीट पर ऋतिक रोशन ने प्रतिक्रिया दी है कि 'कृपया अपने कजिन को बताएं कि प्रोफेसर और उसका फैसला दोनों अप्रासंगिक हैं। हकलाने की समस्या कभी किसी को सपने देखने से पीछे नहीं कर सकती। उसे बताइए कि ये उसकी गलती नहीं है और उसे शर्मिंदा होने की जरूरत नहीं है। उसे शर्मिंदा महसूस कराने वाले लोग खुद किसी बिना दिमाग के बंदर से कम नहीं हैं।'
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hrithik roshan
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बता दें कि ऋतिक को बचपन से ही हकलाने की समस्या थी। इस समस्या के चलते उनके अभिनय करियर पर खतरे के बादल मंडरा रहे थे। वहीं ऋतिक के पिता राकेश रोशन भी इसके लिए उन्हें डांटते थे। उनका कहना था कि अभिनय के लिए साफ बोलना बेहद जरूरी है लेकिन ऋतिक लाइन्स के बीच में ही हकलाने लगते थे।
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Hrithik Roshan
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ऋतिक रोशन ने अपने पिता के ही निर्देशन में बनी रोमांटिक ड्रामा फिल्म 'कहो ना प्यार है' से हिंदी सिनेमा में डेब्यू किया था। इसी फिल्म से अमीषा पटेल ने भी हिंदी सिनेमा में कदम रखा। यह फिल्म सुपरहिट हुई और इस फिल्म में धमाकेदार परफॉर्मेंस के लिए ऋतिक रोशन को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता और बेस्ट डेब्यू मेल का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। इसके बाद से ऋतिक की कामयाबी का सिलसिला अब तक जारी है।
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