हिंदी सिनेमा के प्रारंभिक दौर के खलनायकों में अभिनेता प्राण अग्रणी स्थान रखते हैं। उनके अभिनय के लोग कायल हो गए थे और कई फिल्मों में प्राण का किरदार मुख्य हीरो के किरदार पर भारी पड़ जाता था। 12 फरवरी, 1920 को पुरानी दिल्ली के बल्लीमारान में जन्मे प्राण कृष्ण सिकंदर का परिवार ठीकठाक संपन्न था। बचपन से ही प्राण का मन पढ़ाई में नहीं लगता था और वो फोटोग्राफर बनना चाहते थे।
जी हां, अभिनेता प्राण पहने फोटोग्राफर बनना चाहते थे और उन्होंने अपना स्टूडियो भी खोला। इसी सिलसिले में प्राण इधर उधर घूम रहे थे कि इन्हीं दिनों मशहूर फिल्म निर्माता-निर्देशक मोहम्मद वली अपनी फिल्म ‘यमला जट’ के लिए हीरो की तलाश में थे। एक पान की दूकान पर उनकी नजर प्राण पर पड़ी और उन्होंने प्राण को फिल्म में काम करने का ऑफर दिया। फिर क्या प्राण राजी हो गए। लेकिन क्या आप जानते हैं अपने किरदार के लिए मशहूर प्राण को पर्दे पर देखकर लोग डर जाते थे। इतना ही नहीं कई दशकों तक लोगों ने अपने बच्चों का नाम प्राण नहीं रखा। इसके पीछे क्या वजह थी ये हम आपको बताने जा रहे हैं।
दरअसल, अभिनेता प्राण निगेटिव रोल्स के लिए मशहूर थे और वो कई फिल्मों में विलेन का रोल निभा चुके थे। प्राण अपने अभिनय को इतनी बारीकी से निभाते थे कि उन्हें लोग हीरो से भी ज्यादा पसंद करते थे। आलम तो ये था कि मेकर्स फिल्म के पोस्टर में हीरो से ज्यादा विलेन प्राण को अहमियत देते थे। साल 1958 में उनकी फिल्म 'अदालत' सिनेमाघरों में लगी हुई थी। इस फिल्म में प्राण के खतरनाक किरदार से सिनेमाघर में बैठीं महिलाएं इतना डर गईं थी की वे हॉल से भाग गई थीं। तो वहीं दर्शकों के भी पसीने छूट गए थे।
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फिल्म जंजीर का दृश्य
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फिल्म 'जंजीर' में प्राण के अभिनय को काफी पसंद किया गया था। इसमें उन्होंने नकारात्मक भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में उनका गीत 'यारी है ईमान मेरा' भी काफी मशहूर हुआ था। ये गाना आज भी लोगों के जेहन में है। प्राण ने लगभग हर अभिनेता के साथ काम किया है, लेकिन दर्शकों को प्राण और किशोर कुमार की फिल्में काफी पसंद आई थीं। किशोर कुमार के साथ प्राण ने फिल्म 'नया अंदाज', 'आशा', 'बेवकूफ', 'हाफ टिकट', 'मनमौजी', 'एक राज', 'जालसाज' जैसी फिल्में की हैं।
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प्राण और राज कपूर
- फोटो : Twitter
फिल्मों के जरिए दर्शकों के दिलों में राज करने वाले प्राण असल जीवन में बेहद गंभीर और अच्छे इंसान थे। प्राण की लगभग सभी अभिनेताओं और निर्माताओं के साथ अच्छी दोस्ती थी। उन्होंने अभिनेता और निर्देशक राज कपूर की फिल्म 'बॉबी' में काम करने के लिए सिर्फ 1 रुपये की फीस ली थी। इसकी वजह थी कि उस वक्त राज कपूर आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। क्योंकि राज कपूर 'बॉबी' से पहले अपनी फिल्म 'मेरा नाम जोकर' बनाने के लिए अपना सारा पैसा लगा चुके थे।