GP Sippy: वह निर्माता जिसने दी सलीम-जावेद को पहली नौकरी, इस फिल्म से चल पड़ा साथ काम करने का सिलसिला और फिर..
GP Sippy Death Anniversary: दिग्गज निर्माता-निर्देशक गोपालदास परमानंद सिपाहीमलानी यानी जीपी सिप्पी साहब की आज पुण्यतिथि है। सलीम-जावेद की जोड़ी को सिनेमा में पहला मौका देने का श्रेय उन्हीं को जाता है। चलिए जानते हैं
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दो युवा होनहार लड़के सिनेमा की दुनिया में अपने लिए अवसर तलाश रहे थे। दोनों की कलम में धार थी। उन्हें काम तो मिल रहा था, लेकिन अपने ही काम पर नाम नहीं मिल रहा था। जीपी सिप्पी ने दोनों लड़कों को सिप्पी फिल्म्स में बतौर रेजीडेंट स्क्रीनराइट काम पर रख लिया। फिर फिल्म की पटकथा लिखने का मौका दिया। दोनों लड़कों को आज सलीम-जावेद की जोड़ी के रूप में दुनिया जानती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं जावेद अख्तर और सलीम खान की। फिल्म लेखन में इन्हें पहला ब्रेक जीपी सिप्पी साहब से मिला था। आज सिप्पी साहब की पुण्यतिथि पर जानते हैं यह किस्सा...
इस तरह मिले जादू-गुल्लू और लिखी पहली फिल्म
यूं तो सलीम-जावेद ने पहली फिल्म लिखी 'अधिकार' (1971)। इस फिल्म की पटकथा दोनों ने महज 12 दिनों के अंदर रच डाली। हालांकि, इस फिल्म में दोनों को क्रेडिट नहीं मिला। दरअसल, इस फिल्म में दोनों ने भूत लेखन (घोस्ट राइटिंग) की। 'अधिकार' फिल्म मिलने की कहानी भी दिलचस्प है। एसएम सागर की फिल्म 'सरहदी लुटेरा' में गुल्लू यानी सलीम खान सेकेंड लीड एक्टर के रूप में काम कर रहे थे। जादू यानी जावेद अख्तर असिस्टेंट डायरेक्टर थे। एक दिन फिल्म के राइटर के लापता होने पर डायरेक्टर ने जावेद अख्तर को ही सीन लिखने का मौका दिया और वह सीन सलीम खान को इतने पसंद आए कि उन्होंने तुरंत जावेद अख्तर से मुलाकात की। दोनों एक-दूसरे के दोस्त बन गए और फिर बनी सलीम-जावेद की जोड़ी। एसएस सागर ने ही फिर दोनों को एक दिन साथ बिठाकर फिल्म लिखने को मौका दिया।
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'अधिकार' में नहीं मिला अपना अधिकार!
जिस वक्त एसएस सागर ने सलीम-जावेद को स्क्रिप्ट लिखने का मौका दिया तब दोनों ही खाली थे। इसे लिखने के लिए सलीम-जावेद को उन दिनों पांच हजार रुपये मिले थे। पैसे ही उन दिनों दोनों की पहली जरूरत थी। फिल्म के क्रेडिट्स में दोनों का नाम कहीं नहीं था। लेकिन, एसएम सागर के असिस्टेंट सुधीर वाही को दोनों का काम इतना पसंद आया कि उन्होंने दोनों को सिप्पी फिल्म्स के दफ्तर जाकर जीपी सिप्पी से मिलने को कहा। इस तरह दोनों को सिप्पी फिल्म्स में नौकीर मिल गई। फिर रमेश सिप्पी और सलीम-जावेद की तिकड़ी बनी। इस तिकड़ी की पहली फिल्म बनी 'अंदाज'।
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सिप्पी फिल्म्स के लिए लिखीं ये फिल्में
'अंदाज' में सलीम-जावेद के लेखन का अंदाज इतना पसंद आया कि फिर जीपी सिप्पी के लिए दोनों ने कई फिल्मों की स्क्रिप्ट लिखी। इन्हीं में कालजयी फिल्म 'शोले' भी शामिल है। जीपी सिप्पी के बेटे रमेश सिप्पी ने इसका निर्देशन किया। 'शोले' उस दौर में बड़े बजट की फिल्म थी। सलीम-जावेद की जोड़ी ने सीपी जिप्पी के लिए सीता और गीता, शान, शक्ति और अकेला जैसी फिल्में भी लिखीं। जावेद अख्तर के मुताबिक, 'सिप्पी साहब की सोच बहुत नई और बहुत बड़ी थी। वो खुद आगे आकर प्रोत्साहित करते थे कि जावेद, बड़ी सोच रखो, बड़ी फिल्में बनाओ, कुछ नया सोचो'।
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