आज से 20 साल पहले दो सुपरहिट फिल्में रिलीज हुई थीं। पहली आमिर खान की लगान और दूसरी सनी देओल की गदर एक प्रेम कथा। दोनों ही फिल्में अपने आप में खास थी। लगान फिल्म के साथ आमिर ने बतौर निर्माता भी बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थी। फिल्म लगान का निर्देशन आशुतोष गोवारिकर ने किया था वहीं सनी देओल की फिल्म का निर्देशन अनिल शर्मा के हाथों में था।
Gadar Vs Lagaan: 20 साल पहले बॉक्स ऑफिस पर हुई थी सबसे बड़ी भिड़ंत, 'गदर' के लिए दिखा पागलपन तो 'लगान' ले गई सबसे ज्यादा अवॉर्ड
गदर- एक प्रेम कथा
गदर फिल्म की कहानी अनिल शर्मा ने सबसे पहले घर्मेंद्र को सुनाई थी। गदर के लिए पहली पसंद सनी देओल नहीं थे। ये बात कम लोग जानते हैं कि गदर फिल्म पहले गोविंदा को ही ऑफर की गई थी। गोविंदा को लगता था इस फिल्म में तारा सिंह का जो रोल लिखा गया था। उसके लिए वो फिट नहीं मानते थे। उन दिनों गोविंदा की छवि रोमांटिक हीरो की थी। इसके बाद ये रोल सनी देओल के पास आया और इतिहास गवाह है कि उन्होंने अपने किरदार के साथ पूरा न्याय भी किया।
लगान
आशुतोष गोवारिकर की ब्लॉकबस्टर फिल्म 'लगान' वैसे तो सबसे पहले आमिर खान को ही ऑफर हुई थी लेकिन, उन्होंने इसमें काम करने से इनकार कर दिया था। बाद में निर्देशक शाहरुख के पास गए लेकिन शाहरुख ने भी इसे करने से इनकार कर दिया। आशुतोष एक बार फिर आमिर खान के पास पहुंचे और फिर आमिर ने इसमें काम करने के लिए हामी भरी थी।
पानी की तरह बहाया गया था पैसा
गदर और लगान फिल्म की यूनिट करीब 300 लोगों की थी। फिल्म की शूटिंग के नियमों को लेकर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर दोनों सख्त थे। सही वक्त पर शूटिंग हो जाए इसके लिए नियम बनाए गए थे। पंजाब और लखनऊ के कुछ हिस्सों में शूट हुई इन फिल्मों में पानी की तरह पैसा बहाया गया था। लगान में आमिर खान का पैसा खर्च हुआ था क्योंकि इस फिल्म के साथ आमिर ने बतौर निर्माता भी बॉलीवुड में अपने करियर की शुरुआत की थी। गदर में जी ग्रुप का पैसा लगा था। लगान रील और रियल लाइफ में एक इंसान के असंभव सपनों और पैशन की कहानी थी। उस वक्त मेन स्ट्रीम बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री में पीरियड ड्रामा, क्रिकेटर्स की कहानियों का दौर नहीं था लेकिन आमिर खान ने बॉलीवुड का ट्रेंड बदल दिया। वहीं गदर ने लोगों में फिल्म के प्रति पागलपन दिखाया।
एक तरफ दिल मिले दूसरी तरफ डर लगे
लगान फिल्म के दौरान ही आमिर खान को किरण राव मिलीं थीं, जो अब आमिर की पत्नी हैं। लेकिन सनी देओल के सामने अमीषा पटेल हमेशा डरी हुईं रहती थीं। सनी देओल को देखकर लोग सेट पर डरते थे, यहां तक कि फिल्म की हीरोइन अमीषा अपने डायलॉग ही भूल जाती थीं। उन्हें शूटिंग से घंटों पहले बुलाया जाता था ताकि वो अच्छे से रिहर्सल कर लें लेकिन सनी देओल के सामने आते ही उन्हें कुछ याद ही नहीं रहता था।
गदर और लगान में था ये बड़ा फर्क
सनी देओल की फिल्म गदर को लेकर लोगों में पागलपन था, हालांकि आमिर खान की फिल्म लगान भी लोग देखने गए थे लेकिन गदर जैसा नजारा देखने को नहीं मिला। गदर एक प्रेमकथा का पहला शो सुबह छह बजे से शुरू किया गया था। सनी देओल के दीवाने ढोल ताशे लेकर ये फिल्म देखने पहुंचे थे। भीड़ इतनी थी कि सिनेमाहॉल के भीतर घुसने तक को जगह नहीं बची थी। जितने लोग सीटों पर बैठे थे, उतनी ही पब्लिक सिनेमाघर के भीतर खड़े होकर सिनेमा देख रही थी। फिल्म गदर एक प्रेम कथा ने भारत में सबसे ज्यादा टिकटें बेचने का रिकॉर्ड बना दिया था। लगान के मुकाबले गदर का कलेक्शन काफी ज्यादा था साथ ही इसका म्यूजिक भी बहुत बिका था।