फिल्म इंडस्ट्री में कई ऐसे भाई-बहन हैं जिनमें से एक सफलता की सीढ़ियां चढ़ता गया तो दूसरा जहां था, वहीं रह गया। एक की कामयाबी के लोग कसीदे पढ़ते हैं तो दूसरे का नाम तक नहीं जानते। ऐसी ही कुछ किस्मत है एकता कपूर और तुषार कपूर की। एकता जहां छोटे परदे की महारानी हैं तो तुषार कपूर के पास फिल्में तक नहीं हैं।
इसे किस्मत ही कहेंगे कि जहां एकता ने मात्र 19 साल की उम्र में टीवी पर धावा बोल दिया और दनादन टीवी सीरियल बनाने लगी।
वहीं तुषार को लॉन्च करने के लिए जितेंद्र को बड़ा बैनर और पैसा लगाना पड़ा। फिर भी एकता हिट होती गई औऱ तुषार कमजोर पड़ते गए। जितेंद्र जहां बेटी की सफलता से गदगद रहते हैं वहीं तुषार के करियर को लेकर उनके माथे पर सिलवटें दिखती हैं।
1995 में आए कॉमेडी शो 'हम पांच' ने सफलता की नई कहानी लिखी। एकता की उम्र उस वक्त कम थी लेकिन उसका विजन तगड़ा था। वो टीवी के दर्शकों की नब्ज पहचान रही थी औऱ ये ही उनकी सक्सेस का पैमाना बना। एकता अब तक 100 से ज्यादा सीरियल्स और 25 फिल्मों का निर्माण कर चुकी हैं।
ऐसा नहीं है कि तुषार ने अपने फिल्मी करियर में एक भी सफल फिल्म नहीं दी है। उनकी 'गोलमाल' फिल्म सीरीज की सभी फिल्में हिट रही हैं और उनके किरदार को काफी पसंद भी किया गया। बस परेशानी यह थी कि इन फिल्मों में वह गूंगे बने थे। तुषार के लिए कहा जाता है कि ये बॉलीवुड के एकमात्र ऐसे हीरो हैं जो चुप रहते हैं तो फिल्म हिट होती है।
तुषार ने अबतक 35 फिल्मों में काम किया है लेकिन कोई भी फिल्म उन्हें एक कलाकार के रूप में स्थापित करने में नाकाम रही। उनकी सक्सेस के लिए एकता ने कई फिल्में भी बनाई और उनको फिल्म में महत्वपूर्ण रोल भी दिलवाए, लेकिन तुषार का फिल्मी करियर वहीं का वहीं रहा।