धनुष,
साउथ सिनेमा का तो बेहद चर्चित चेहरा हैं लेकिन 'कोलावेरी डी' गाना आने के बाद तो पूरा देश ही उनका फैन बन गया। 2011 में आया ये गाना लोगों ने इतना गुनगुनाया कि खुद धनुष को कहना पड़ा 'बस भी करो...'। दरअसल हुआ ये कि लोगों ने इस गाने को इतना बजाया कि धनुष ने इसे सुनना बंद कर दिया। उनके शब्दों में कहें, 'तो मैंने कितने समय से इसे नहीं सुना है, जब लोग इसे बजाते हैं, तो मैं भाग जाता हूं।'
दक्षिण के आए इस
'रांझणा' ने पूरे बॉलीवुड को दीवाना बना दिया। 'हमका इशक हुआ यार...' गाने पर उनका बनारसी डांस तो लोगों के सिर चढ़कर बोला। रील लाइफ हीर के लिए अपना हाथ काटने से लेकर उसकी शादी कराने तक, ये रांझणा लोगों के दिल को छू गया।
धनुष जो भी हैं वह अपनी प्रतिभा और आत्मविश्वास के बल पर हैं, ये खुद उनका ही मानना है। ‘जब मैं इंडस्ट्री में आया तो लोगों ने कहा कि मेरा चेहरा इस लायक नहीं है, लेकिन मेरा मानना था कि प्रतिभा और आत्मविश्वास से ज्यादा खूबसूरत कुछ और कुछ नहीं होता।’
धनुष को एक्टिंग नहीं करनी थी, डायरेक्टर और एक्टर को देखकर वह वहां से निकल लेते थे। उन्होंने ये बात खुद बताई, ‘मेरे पिता कस्तूरी राजा डायरेक्टर थे। जब भी कोई एक्टर घर आता था तो मैं खुद को कमरे में बंद कर लेता था।’ बाद में उनके पिता और भाई ने उन्हें 'तुलूवधो इलामई' में अभिनय के लिए राजी किया।
धनुष ने 2003 में अपने भाई की फिल्म 'कदाल कोंदेन' में अभिनय किया, जिसमें उन्होंने एक साइको प्रेमी का किरदार निभाया। फिल्म हिट रही। इस फिल्म के बाद धनुष को समझ में आ गया कि एक्टिंग ही उनकी जिंदगी है। उन्होंने कहा, ‘अब मैं जान गया था कि मैं और एक्टिंग ही करुंगआ, इसके सिवा कुछ भी नहीं।’