यूं तो सिनेमा जगत में तमात अदाकारा हुई हैं जिन्होंने अपने अलग अंदाज से दर्शकों का दिल जीता। लेकिन आज हम उस अभिनेत्री के बारे में बात करने जा रहे हैं, जिन्हें 'द अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया' कहा जाने लगा था। हम बात कर रहे हैं 60 के दशक की चर्चित अभिनेत्री नवाब बानू उर्फ निम्मी की। एक्ट्रेस निम्मी का असली नाम नवाब बानो था लेकिन उनका फिल्मी नाम रखा गया था निम्मी। ये नाम उन्हें राज कपूर ने दिया था। वो समय था जब निम्मी सुपरस्टार थीं और निर्देशक उनसे फिल्में साइन कराने के लिए लाइन लगाया करते थे। निम्मी ने दिलीप कुमार से लेकर राज कपूर तक सभी बड़े अभिनेताओं के साथ काम किया था। लेकिन फिर उन्होंने एक फिल्म में अपना किरदार चुनने में भूल कर दी और उनकी ये भूल उनके करियर पर भारी पड़ गई। आज हम आपको निम्मी से जुड़े कुछ किस्से बताने जा रहे हैं।
निम्मी को सबसे पहला ब्रेक राज कपूर ने अपनी फिल्म 'बरसात' से दिया था। इसके बाद निम्मी फिल्मी जगत में छा गईं और उन्हें फिल्मों के ऑफर्स आने लगे। निम्मी अपने हिसाब से फिल्में चुनने वाली अभिनेत्री थीं। निर्देशक उनकी 'हां' का कई दिनों तक इंतजार किया करते थे। निम्मी ने अपना खूब नाम कमाया और फिर एक रोज अखबारों की सुर्खियों में छपा 'द अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया।' ये निम्मी के लिए था और इसके पीछे एक किस्सा था।
दरअसल, फिल्म 'आन' को बड़े पैमाने पर रिलीज किया गया था। लंदन के रिआल्टो थिएटर में इसे प्रदर्शित किया गया। वहां 'आन' को 'सेवेज प्रिंसेस' नाम से रिलीज किया गया था। इस प्रीमियर पर महबूब खान, उनकी पत्नी और निम्मी मौजूद थे। फिल्म के प्रीमियर में कई विदेशी सितारे भी शामिल हुए। उन ही सेलेब्स में एक एरल लेजली थॉमसन फ्लिन भी थे। एरल ने अपने विदेशी रिवाज के अनुसार आगे बढ़ते हुए निम्मी का हाथ चूमने की कोशिश की लेकिन अभिनेत्री दो कदम पीछे हो गईं। उन्होंने पीछ हटते हुए कहा, ''मैं एक हिंदुस्तानी लड़की हूं, आप मेरे साथ ये सब नहीं कर सकते।' बस अगले ही दिन अखबार की सुर्खियों में निम्मी के लिए लिखा था, 'द अनकिस्ड गर्ल ऑफ इंडिया।'
साल 1962 में फिल्म 'महबूब' के लिए लीड एक्ट्रेस की तलाश की जा रही थी। निर्देशन हरनाम सिंह निम्मी को फिल्म में बतौर लीड एक्ट्रेस कास्ट करना चाहते थे और उन्होंने निम्मी को ये रोल ऑफर कर दिया। लेकिन निम्मी ने लीड रोल लेने की बजाय लीड हीरोइन लेने से मना कर दिया। दरअसल, हरनाम निम्मी को लीड एक्ट्रेस और बीना रॉय को राजेंद्र कुमार की बहन के रोल के लिए कास्ट करना चाहते थे। लेकिन निम्मी को लगा कि हीरोइन के किरदार से ज्यादा अच्छा और जरूरी बहन का किरदार है। बस उन्होंने ये सोचा और वो बहन के किरदार के लिए अड़ गईं।
निर्देशक हरनाम सिंह के लाख मनाने के बाद भी जब निम्मी नहीं मानीं तो थक हारकर निर्देशक ने निम्मी को बहन का किरदार दे दिया और लीड एक्ट्रेस के लिए उन्होंने अभिनेत्री साधना का साइन कर लिया। फिल्म रिलीज हुई और निम्मी की सोच का बिल्कुल उलट हो गया। फिल्म हिट हुई और बतौर लीड एक्ट्रेस साधना टॉप की हीरोइन बन गईं। दर्शकों ने साधना के किरदार को ज्यादा पसंद किया। बहन के किरदार में निम्मी का करियर यहां से धरातल की ओर जाने लगा।