बॉलीवुड की मशहूर फिल्म डॉयरेक्टर सई परांजपे आज यानी 19 मार्च को अपना जन्मदिन मना रही हैं। सई का जन्म 19 मार्च 1938 के दिन मुंबई में हुआ था। सई कलाकारों के परिवार से संबंध रखती हैं। उनकी मां अभिनेत्री थीं और पिता एक वॉटरकलर आर्टिस्ट थे। सई बचपन से ही रचनात्मक थीं। आठ साल की उम्र में जब बच्चे खेलते-कूदते हैं, तब उस उम्र में ही उन्होंने एक किताब लिख दी थी। उनका फिल्मी करियर काफी शानदार रहा। अपने करियर के दौरान उन्होंने कई सुपरहिट फिल्मों का निर्देशन किया है।
2 of 6
सई परांजपे
- फोटो : सोशल मीडिया
सई की फिल्में बाकी फिल्मों से काफी अलग होती थीं। उनकी फिल्मों में बैकग्राउंड म्यूजिक का इस्तेमाल न के बराबर होता था। इसके साथ ही उनकी फिल्में इतनी संवेदनशील होती हैं कि जब दर्शक उनकी फिल्म देखता है तब भावनात्मक रूप से उस फिल्म के पात्रों के साथ जुड़ जाता है। उन्होंने अपने करियर की सबसे बेहतरीन कॉमेडी फिल्म 'चश्मे बद्दूर' बनाई। उनकी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई।
3 of 6
सई परांजपे
- फोटो : सोशल मीडिया
उनकी इस फिल्म ने कमाई के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। अपनी इस फिल्म से उन्होंने यह साबित कर दिया था कि इस तरह की फिल्में भी लोगों को काफी पसंद आती हैं और बॉक्स ऑफिस पर तगड़ी कमाई कर सकती हैं। इसके अलावा उन्होंने 'कथा', 'स्पर्श' और 'दिशा' आदि फिल्में बनाईं। सई की फिल्मों की कहानी में सजीवता होती है।
4 of 6
सई परांजपे
- फोटो : सोशल मीडिया
उनकी फिल्म का हर एक कैरेक्टर दर्शकों को काफी प्रभावित करता है। दर्शक फिल्म के पात्रों के प्रति अलग आकर्षण महसूस करने लगता है। उसे लगता है कि फिल्म की कहानी उसकी निजी जिंदगी का हिस्सा है। सई की फिल्म 'चश्मे बद्दूर' को छोड़कर उनकी किसी भी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर तगड़ी कमाई नहीं की थी। साल 1981 में सई के निर्देशन में बनी फिल्म 'चश्मे बद्दूर' उनके करियर की सबसे बड़ी सुपरहिट फिल्म साबित हुई।
5 of 6
सई परांजपे
- फोटो : सोशल मीडिया
फिल्म की कहानी दिल्ली में रह रहे तीन बेराजगार युवकों की है। इस फिल्म के इस तीनों पात्रों को नौकरी चाहिए होती है, लेकिन उससे भी ज्यादा उन्हें एक प्रेमिका की जरूरत होती है। फिल्म की स्टोरी लाइन काफी मजेदार है। इस फिल्म में इन तीन लड़कों का किरदार फारुख शेख, रवि वासवानी और राकेश बेदी ने निभाया था।