छोटे पर्दे के ठाकुर सज्जन सिंह उर्फ अनुपम श्याम सालों से फिल्म इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। अनुपम श्याम का जन्म 20 सितंबर 1957 को उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़ में हुआ था। इस साल अनुपम श्याम 63वां जन्मदिन मनाएंगे। लेकिन ये जन्मदिन उनके लिए एक नए जीवन के समान होगा। हाल ही में लॉकडाउन के समय अनुपम श्याम की तबीयत बहुत बिगड़ गई थी। वो अस्पताल में आईसीयू में एडमिट थे। साथ ही घर में भी तंगी चल रही थी। जिसके चलते उन्होंने कई लोगों से मदद की गुहार लगाई। हालांकि अब अनुपम श्याम ठीक हैं।
Anupam Shyam Birthday: सालों तक बॉलीवुड में किया काम, 'प्रतिज्ञा' में 'सज्जन सिंह' बनकर मिली बड़ी पहचान
अनुपम श्याम फिल्म इंडस्ट्री के ऐसे अभिनेता हैं जो सालों से इस इंडस्ट्री में हैं। उन्होंने कई फिल्मों में काम किया लेकिन पहचान उन्हें टेलीविजन से ही मिली। अनुपम श्याम ने अपनी स्कूली शिक्षा प्रतापगढ़ से ही प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अवध विश्वविद्यालय से कॉलेज की पढ़ाई की और लखनऊ के भारतेन्दु नाट्य अकादमी से थियेटर की पढ़ाई की। इतना ही नहीं इसके बाद वो दिल्ली के श्रीराम सेन्टर रंगमंडल में काम करने लगे। और देखते ही देखते अदाकारी का सपना लिए मुंबई चले गए।
अनुपम श्याम का फिल्मी सफर अंतर्राष्ट्रीय फिल्म से शुरू हुआ था। उन्होंने सबसे पहले 'लिटिल बुद्धा' नाम की फिल्म में काम किया था। इसके बाद उन्होंने शेखर कपूर की फिल्म 'बैंडिट क्वीन' साइन की। इसके बाद उनका फिल्मी सफर निकल पड़ा। हालांकि फिल्मों से उन्हें खासी पहचान नहीं मिल सकी। अनुपम के लुक्स और उनकी आंखों की वजह से उन्हें गुंडे और बदमाशों का ही किरदार मिला करता था। उन्होंने कई फिल्मों में छोटे- बड़े किरदार निभाए।
अनुपम श्याम को पहचान मिली साल 2009 में आए धारावाहिक 'मन की आवाज प्रतिज्ञा' से। इस धारावाहिक में उनके किरदार का नाम ठाकुर सज्जन सिंह था। ये किरदार इतना फेमस हुआ कि अनुपम श्याम का दूसरा नाम ही ठाकुर सज्जन सिंह पड़ गया। हालांकि इस धारावाहिक में भी उन्होंने निगेटिव किरदार ही निभाया था। लेकिन उत्तरप्रदेश की पृष्टभूमि पर बने इस धारावाहिक में उनका यूपी के दबंग परिवार के सबसे दबंग व्यक्ति का किरदार उनके ऊपर खूब फबा और इस किरदार ने ही उन्हें एक नई पहचान दिलाई।
इसके बाद अनुपम श्याम और भी कई धारावाहिकों में नजर आए। लेकिन किसी से भी प्रतिज्ञा जैसी पहचान नहीं मिल पाई। अनुपम श्याम की कुछ प्रमुख फिल्में और धारावाहिकों के नाम बताते हैं।
फिल्में: 'बैंडिट क्वीन', 'स्लमडॉग मिलेनियर', 'द वॉरियर', 'थ्रेड', 'शक्ति', 'हल्ला बोल', 'रक्तचरित' और 'जय गंगा' आदि।
धारावाहिक: 'मन की आवाज प्रतिज्ञा', 'कृष्णा चली लंदन' और 'डोली अरमानों की' आदि।
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