दिल्ली में 23 दिसंबर 2019 को संपन्न होने जा रहे राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में अमिताभ बच्चन शिरकत नहीं करेंगे। बीमार होने की वजह से अमिताभ बच्चन को डॉक्टर द्वारा सफर ना करने की हिदायत दी गई है। इसके चलते अब अमिताभ बच्चन चाह कर भी सिनेमा जगत के इस प्रतिष्ठित समारोह का हिस्सा बनने में असमर्थ हैं। अमिताभ बच्चन ने 22 दिसंबर की शाम को एक ट्वीट के माध्यम से खुद यह जानकारी शेयर की है। बिग बी के इस ट्वीट से साफ नजर आ रहा है कि उन्हें दिल्ली ना जा पाने का काफी पछतावा है।
अमिताभ बच्चन की फिर बिगड़ी तबीयत, राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में नहीं होंगे शामिल
ट्वीट करते हुए अमिताभ बच्चन ने लिखा, 'बुखार हो गया है...! यात्रा करने की अनुमति नहीं है...दिल्ली में कल राष्ट्रीय पुरस्कार में शामिल नहीं पाऊंगा...काफी दुर्भाग्यपूर्ण...मुझे पछतावा है।' गौरतलब है कि 66वें राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में अमिताभ बच्चन को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया जाना है। यह भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा सम्मान है। बिग बी को फिल्म जगत में उनके अभूतपूर्व योगदान और उत्कृष्ट अभिनय के लिए इस इस सम्मान से नवाजा जाना है।
T 3584/5/6 -
Down with fever .. ! Not allowed to travel .. will not be able to attend National Award tomorrow in Delhi .. so unfortunate .. my regrets ..
सोमवार को देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू इन पुरस्कारों को देंगे। उल्लेखनीय है कि सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का पुरस्कार गुजराती फिल्म 'हेलारो' को दिया जाएगा। आयुष्मान खुराना को 'अंधाधुन' और विक्की कौशल को 'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक' के लिए संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया जाएगा। वहीं मशहूर साउथ एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
गौरतलब है कि बीते दिनों अमिताभ बच्चन अपनी पोती आराध्या बच्चन की परफॉर्मेंस देखने उनके वार्षिक समारोह में पहुंचे थे। आराध्या ने इस मौके पर दमदार स्पीच दी जिसे देखकर दादा अमिताभ बच्चन समेत वहां मौजूद सभी मेहमान दंग रह गए। अपनी पोती की परफॉर्मेंस का यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए बिग बी ने लिखा, 'सबसे गर्वित पल और आवाज... लड़कियों की... आराध्या की... मेरी और अपनी...'
वहीं यह 66वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह है। इस पुरस्कार का नाम धुंडीराज गोविंद फाल्के के नाम पर रखा गया है जिन्हें भारतीय सिनेमा का जनक कहा जाता है। यह पुरस्कार 1969 में शुरू हुआ था। इस पुरस्कार के तहत एक स्वर्ण कमल, एक शॉल और 10,00000 रुपये नकद प्रदान किए जाते हैं। यह पुरस्कार दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना को 2017 में दिया गया था। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू सोमवार को ये पुरस्कार प्रदान करेंगे। परंपरागत रूप से राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं को राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है। सूत्रों के मुताबिक राष्ट्रपति कोविंद पुरस्कार विजेताओं के लिए बाद में एक चाय पार्टी आयोजित करेंगे। अमिताभ बच्चन को उनके उत्कृष्ट अभिनय और हिंदी सिनेमा में योगदान के लिए इस सम्मान से नवाजा जाएगा। राष्ट्रीय पुरस्कारों में सबसे अहम यह पुरस्कार भारतीय सिनेमा के विकास और उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। अगस्त में राहुल रवैल अध्यक्ष फीचर फिल्म श्रेणी ने पुरस्कारों की घोषणा की थी। इसमें सर्वश्रेष्ट फिल्म का अवार्ड गुजराती फिल्म हेलारो को दिया जाएगा।