लता मंगेशकर और आशा भोसले के बाद जिस सिंगर के गाने सबसे ज्यादा मशहूर हुए, वो अल्का याग्निक हैं । 90 के दशक में हर दूसरी बॉलीवुड फिल्म के गानों में अल्का की आवाज सुनाई देती थी । कोई भी फिल्म अल्का के गानों के बिना अधूरी लगती थी । अल्का याग्निक 20 मार्च को अपना जन्मदिन मनाती हैं और ये उनका 54वां बर्थडे होगा। इस मौके पर जानते हैं अल्का के बारे में कुछ अनसुनी बातें....
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Alka Yagnik
- फोटो : instagram
अल्का याग्निक ने 30 सालों तक बॉलीवुड को अपनी आवाजा से सजाए रखा। उन्हें प्लेबैक सिंगर के तौर पर 2 बार नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिल चुका है । अल्का का जन्म कोलकाता की एक मिडिल क्लास फैमिली में हुआ था। उन्होंने अपनी मां शुभा याग्निक से शास्त्रीय संगीत सीखना शुरू किया था।
घर में संगीत का माहौल होने के कारण उनकी भी संगीत में रुचि बढ़ती गई। महज 6 साल की उम्र में उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था। अल्का कोलकाता आकाशवाणी में गाने लगी थीं। साथ ही वो भजन भी गाया करती थीं। 10 साल की उम्र में वो अपनी मां के साथ मुंबई आ गईं और फिल्ममेकर राज कपूर से मिलीं।
राज कपूर को अल्का की आवाज बहुत पसंद आई और उन्हें लक्ष्मीकांत प्यारेलाल से मिलवाया। अल्का ने प्लेबैक सिंगर के रूप में अपने करियर की शुरुआत 1979 में आई फिल्म 'पायल की झंकार' से की थी। अल्का ने जब अमिताभ बच्चन की फिल्म 'लावारिस' का गाना 'मेरे अंगने में' गाया तो वो जबरदस्त हिट हुआ।
इसके बावजूद अल्का को बॉलीवुड में पैर जमाने में करीब 8 साल तक स्ट्रगल करना पड़ा। 1988 में आई फिल्म 'तेजाब' के गाने 'एक दो तीन' के बाद अलका को प्लेबैक सिंगर के रूप में पहचान मिल पाई। इसके बाद तो अल्का ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अल्का अब तक 1100 फिल्मों में करीब 2400 से ज्यादा गाने गा चुकी हैं।