70 और 80 के दशक में जीवन का नाम फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर विलेन में गिना जाता था । आज जीवन की 103 वीं बर्थ एनिवर्सरी है। जीवन की बर्थ एनिवर्सरी पर हम आपको उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ ऐसे राज बताएंगे जिससे वो आपको विलेन नहीं बल्कि असल जिंदगी के हीरो लगेंगे।
जीवन का जन्म 1915 में कश्मीर में हुआ था। उनका असली नाम ओंकार नाथ धार था। वो बचपन से ही एक्टर बनना चाहते थे। जीवन का परिवार काफी बड़ा था। उनके 24 भाई बहन थे। जीवन के जन्म के साथ ही उनकी मां का निधन हो गया था। जब जीवन 3 साल के थे तब उन्होंने अपने पिता को खो दिया।
जीवन ऐसे परिवार से थे जहां एक्टिंग के लिए उन्हें इजाजत नहीं मिली थी। इसलिए जीवन 18 साल की उम्र में घर से भागकर मुंबई आ गए। जब वो मुंबई आए तो उनकी जेब में सिर्फ 26 रुपए थे। करियर के शुरुआती दिनों में जीवन को काफी स्ट्रगल करना पड़ा।
उन्हें नौकरी की जरूरत थी इसलिए वो एक स्टूडियो में काम करने लगे। ये स्टूडियो मोहनलाल सिन्हा का था। मोहन लाल उस समय के जाने-माने डायरेक्टर हुआ करते थे। जब मोहनलाल को पता चला कि जीवन एक्टिंग करना चाहते हैं तो उन्होंने अपनी फिल्म 'फैशनेबल इंडिया' में उन्हें रोल दिया।
इसके बाद जीवन को एक के बाद एक कई फिल्मों में काम मिला। जीवन ने अलग-अलग भाषाओं की करीब 60 फिल्मों में नारद मुनि का किरदार निभाया। 50 के दशक में बनी हर धार्मिक फिल्म में उन्होंने नारद का रोल किया। जीवन को पहचान उस समय मिली जब 1935 में उन्होंने फिल्म 'रोमांटिक इंडिया' में काम किया।