अमिताभ बच्चन और मौसमी चटर्जी स्टारर फिल्म ‘बेनाम’ की आज गोल्डन जुबली है। इसका निर्देशन नरेंद्र बेदी ने किया था। थ्रिलर और सस्पेंस से भरी फिल्म ‘बेनाम’ में अमिताभ और मौसमी के अलावा प्रेम चोपड़ा और मदन पुरी ने शानदार अभिनय किया है। इस फिल्म की रिलीज को आज पूरे 50 साल हो गए हैं। जानिए इस फिल्म से जुड़े कई किस्से, जिसे पढ़कर आज भी दर्शक रोमांचित हो जाते हैं।
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फिल्म ‘बेनाम’
- फोटो : सोशल मीडिया
अल्फ्रेड हिचकॉक के नॉवेल पर आधारित है फिल्म
18 अक्टूबर 1974 में रिलीज हुई फिल्म ‘बेनाम’ मशहूर लेखक अल्फ्रेड हिचकॉक के नॉवेल ‘द मैन हू न्यू टू मच’ पर आधारित है। यह इकलौती ऐसी फिल्म है, जिसमें प्रेम चोपड़ा के लिए कादर खान ने वॉयस ओवर किया था। अब आप सोच रहे होंगे दोनों ही मशहूर विलेन अपनी आवाज के लिए प्रसिद्ध हैं, फिर ऐसा क्यों किया गया? तो चलिए आपको बताते हैं ऐसा करने की वजह।
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फिल्म ‘बेनाम’
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फिल्म का सस्पेंस सीक्रेट रखना चाहते थें नरेंद्र
फिल्म के निर्देशक नरेंद्र ने विलेन की पहचान छिपाने के लिए एक तरकीब निकाली थी और प्रेम चोपड़ा की जगह कादर खान की आवाज का इस्तेमाल किया था, क्योंकि नरेंद्र चाहते थें कि दर्शकों के बीच फिल्म को लेकर आखिर तक सस्पेंस बना रहे। फिल्म के दौरान सिनेमाघर में बैठे दर्शक पूरे समय यही अंदाजा लगाते रहे थे कि आखिर फोन करने वाला शख्स कौन है? क्योंकि प्रेम चोपड़ा की आवाज से लोग परिचित थे, इसीलिए कादर खान से वॉयस ओवर करवाया गया था।
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फिल्म ‘बेनाम’
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निर्माता-निर्देशकों ने की थी दर्शकों से खास अपील
निर्माता-निर्देशक ने दर्शकों से विनती की थी कि फिल्म देखने के बाद किसी को यह न बताएं कि कहानी में विलेन कौन है और फिल्म का क्लाइमेक्स क्या है। फिल्म में अमिताभ को किसी अनजान नंबर से फोन कॉल आते रहते हैं। फोन करने वाला अमिताभ को धमकी देता है। मेकर्स ने विलेन की आइडेंटिटी छुपाने के लिए फिल्म में उसकी आवाज तक बदल दी थी, जिससे दर्शकों को बीच में विलेन का पता ना चल पाए और आखिर में जब सब कुछ पता चल जाता है, तो बाकी दर्शकों के लिए सस्पेंस बना रहे, इस अपील के साथ फिल्म के आखिर में पर्दे पर लिखा आता था, प्लीज डोंट रिलीवल द एंड।
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अमिताभ ने फिल्म में अपना असली नाम किया था इस्तेमाल
फिल्म में अमिताभ बच्चन ने किरदार को अपने पारिवारिक नाम यानी अमित श्रीवास्तव के रूप में निभाया था। अमिताभ का सरनेम श्रीवास्तव है, बच्चन उन्होंने अपने कवि पिता हरिवंशराय बच्चन के नाम से अपनाया है। इस फिल्म का कन्नड़ भाषा में थिरुगु बाना नाम से रीमेक हुआ। फिल्म का प्रसिद्ध गाना मैं बदनाम हो गया गाना नरेंद्र चंचल ने गाया था।