14 जुलाई 2019.. आज पूरी दुनिया की नजर भारत पर है। कारण.. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO) द्वारा लॉन्च किया जाने वाला चंद्रयान-2 मून मिशन। 14-15 जुलाई की रात करीब 2.51 बजे इसरो चंद्रयान-2 लॉन्च करेगा। इसे आंध्र प्रदेश के रॉकेट पोर्ट श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा। श्रीहरिकोटा में इसरो के दूसरे चंद्र अभियान, चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की तैयारी जारी है। लेकिन 14 जुलाई की तारीख इतिहास में और भी कई कारणों से विज्ञान के नाम दर्ज है। विज्ञान से जुड़ी ऐसी कई ऐतिहासिक घटनाएं हैं जो 14 जुलाई को ही घटित हुईं। आईए जानते हैं उन घटनाओं के बारे में...
14 जुलाईः जब भारत पर है पूरी दुनिया की नजर, जानें क्यों विज्ञान के नाम है ये दिन
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बर्फ की मशीन
आज बर्फ जमाना हमारे लिए मामूली बात है। बर्तन में पानी भरकर फ्रीजर में रखो और जम गई बर्फ। लेकिन क्या आपको पता है पहली बार मशीन की बर्फ दुनिया ने कब देखी थी। 14 जुलाई 1850 को पहली बार मशीन द्वारा जमाई गई बर्फ को सार्वजनिक तौर पर प्रदर्शित किया गया था।
मशीनगन
14 जुलाई 1861.. जब कॉट लिंग नाम के अमेरिकी शख्स ने पुराने आविष्कारों और अनुसंधानों के आधार पर हथियार के रूप में मशीनगन बनाई थी।
रॉकेट
पहले तरल ईंधन आधारित रॉकेट की डिजाइन का पेटेंट रॉबर्ट एच गोगार्ड को 14 जुलाई 1914 को दिया गया था।
अंतरिक्ष
- 14 जुलाई 1965.. ये वो दिन है जब पहली बार किसी अंतरिक्ष यान ने दूसरे ग्रह की क्लोज अप तस्वीरें ली थीं। यह अंतरिक्ष यान नासा (NASA) का था। मंगल ग्रह के पास से गुजरने के दौरान इस यान ने तस्वीरें ली थीं।
- 14 जुलाई 2015.. जब नासा का न्यू होराइजन प्लूटो पर जाने वाला पहला अंतरिक्ष यान बना।
परमाणु परीक्षण
14 जुलाई 1972 को तत्कालीन सोवियत संघ ने भूमिगत परमाणु परीक्षण किया।
अन्य महत्वपूर्ण घटनाएं, जो 14 जुलाई को हुईं
- 14 जुलाई 2014 को इंग्लैंड के चर्च ने महिलाओं को भी बिशप बनाने के पक्ष में वोट किया।
- 14 जुलाई 1996 से ही अमेरिका ने पाकिस्तान को ब्राउन संशोधन के तहत हथियार भेजना शुरू किया।
- 14 जुलाई 1969 को अमेरिका के वित्त मंत्रालय और फेडरल रिजर्व सिस्टम ने 500, 1000, 5000 और 10 हजार डॉलर के नोट बंद किए।
- 14 जुलाई 1987 को ताइवान ने 37 सालों बाद मार्शल कानून खत्म किया।
- 14 जुलाई 1940 को द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जर्मनी के बमवर्षक विमानों ने स्वेज पर बमबारी की।
उत्तर प्रदेश की रितु हैं ISRO के चंद्रयान-2 की मिशन डायरेक्टर, जानें कहां से की है पढ़ाई
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