इस्राइल-फिलिस्तीन के मौजूदा संघर्ष में सबसे विवादित मुद्दा यरुशलम है। गत हफ्तों से इस शहर में फिलिस्तीन प्रदर्शनकारियों और इस्रायल के सुरक्षाबलों के बीच संघर्ष जारी है। यह शहर को ईसाई, इस्लाम और यहूदी - तीनों ही धर्मों में सबसे खास स्थल माना जाता है। पैगंबर हजरत इब्राहीम को अपने इतिहास से जोड़ने वाले तीनों धर्म इसे अपना सबसे पवित्र स्थान मानते हैं। किलेनुमा सुरक्षा दीवार से विभाजित इस शहर में ईसाई, इस्लामी, यहूदी और अर्मेनियाई धर्म के लोग रहते हैं। आइए जानते हैं ईसाई के ‘द चर्च ऑफ द होली सेपल्कर’, इस्लाम के मस्जिद अल अक्सा और यहूदी के ‘द होली ऑफ द होलीज’ के इतिहास की कहानी।
यरुशलम: यहूदी, इस्लाम और ईसाई धर्म की आस्था का केंद्र, जानिए क्या है इसका ऐतिहासिक महत्व
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: वर्तिका तोलानी
Updated Fri, 14 May 2021 11:24 AM IST
सार
यरुशलम को ईसाई, इस्लाम और यहूदी - तीनों ही धर्मों में सबसे खास स्थल माना जाता है। पैगंबर हजरत इब्राहीम को अपने इतिहास से जोड़ने वाले तीनों धर्म इसे अपना सबसे पवित्र स्थान मानते हैं।
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द चर्च ऑफ द होली सेपल्कर
अल अक्सा मस्जिद
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