{"_id":"60d5635bc8f407027018e2b4","slug":"up-conversion-case-purpose-was-to-radicalize-deaf-mute-after-converting-to-islam","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"धर्मांतरण मामला: मूक-बधिरों को कट्टरपंथी बनाना था मकसद, इस्लाम कुबूल कराने को लेकर हुए नए खुलासे से अधिकारी हैरान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धर्मांतरण मामला: मूक-बधिरों को कट्टरपंथी बनाना था मकसद, इस्लाम कुबूल कराने को लेकर हुए नए खुलासे से अधिकारी हैरान
Fri, 25 Jun 2021 10:32 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 25 Jun 2021 10:32 AM IST
विज्ञापन
UP conversion case
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार उमर गौतम और जहांगीर आलम से एटीएस की टीम लगातार पूछताछ कर रही है। पूछताछ में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं। एटीएस के सूत्रों ने बताया कि फंडिंग को लेकर उमर ने कुछ अहम जानकारी दी है, जिसकी पड़ताल की जा रही है। साथ ही उन संस्थाओं की भी छानबीन की जा रही है, जिससे उमर किसी न किसी रूप में जुड़ा रहा है।
UP conversion case
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, मूक-बधिर छात्रों का धर्मांतरण कराने के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की मंशा, इन्हें आतंकवादी संगठनों में शामिल कराने की थी। इसकी साजिश के तहत आतंकी शिविरों में ट्रेनिंग देने की तैयारी की जा रही थी। एटीएस को इस संबंध में सुराग मिले हैं।
UP conversion case
- फोटो : अमर उजाला
आईएसआई के शह पर ही विभिन्न आतंकी संगठनों ने धर्मांतरण सिंडीकेट के लोगों की काफी मदद की और अधिक से अधिक धर्मांतरण कराने को कहा था। गिरफ्तार मौलाना उमर गौतम को इसकी कमान सौंपी गई थी। साजिश के तहत मूक-बधिरों को इस्लाम कुबूल कराकर उन्हें कट्टरपंथी बनाना था।
विज्ञापन
विज्ञापन
UP conversion case
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद आतंकी संगठनों में भेजना था। नोएडा डेफ सोसायटी के कुछ छात्रों के धर्मांतरण की बात स्पष्ट हुई है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर के 6 से अधिक मूक-बधिर स्कूल और ट्रेनिंग सेंटर इस सिंडीकेट के पहले चरण में निशाने पर थे। इन सभी पहलुओं की जांच एटीएस की टीमें कर रही हैं।
विज्ञापन
नोएडा डेफ सोसाइटी के बाहर तैनात पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
नोएडा डेफ सोसायटी से 16 हजार को मिला रोजगार प्रशिक्षण
नोएडा डेफ सोसाइटी की संचालिका रूमा रोका ने बताया कि सोसाइटी वर्ष 2005 से चल रही है और दो बेडरूम के फ्लैट से इसकी शुरुआत हुई थी। 16 वर्षों के दौरान देशभर के 16 हजार से अधिक मूक-बधिर छात्र-छात्राओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण और ट्रेनिंग दी गई है।
नोएडा डेफ सोसाइटी की संचालिका रूमा रोका ने बताया कि सोसाइटी वर्ष 2005 से चल रही है और दो बेडरूम के फ्लैट से इसकी शुरुआत हुई थी। 16 वर्षों के दौरान देशभर के 16 हजार से अधिक मूक-बधिर छात्र-छात्राओं को रोजगार के लिए प्रशिक्षण और ट्रेनिंग दी गई है।