देश की राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के स्तर में लगातार तीसरे दिन सुधार हुआ है। लेकिन हवा की गुणवत्ता अभी भी बहुत खराब क्षेणी में बनी हुई है। मंगलवार को भी दिल्ली के आसमान में धुंध की छाई हुई है। दिल्ली में समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 'बहुत खराब' श्रेणी में 321 पर बना हुआ है।
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दिल्ली में काली धुंध
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काली धुंध की चादर में लिपटी दिल्ली-एनसीआर की यह हालत बीते एक या दो सप्ताह से नहीं, बल्कि पूरे साल प्रदूषण की गिरफ्त में रहने से है।इस पूरे साल 312 में से केवल नौ दिन उत्तर भारतीयों ने साफ हवा में सांस ली है जिसमें दिल्ली, एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और हिमाचल व उत्तराखंड के शहरी क्षेत्र शामिल हैं।
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अभी भी जहरीली बनी है दिल्ली की हवा
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सालाना एक्यूआई रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, इस साल जनवरी से लेकर जून माह तक एक भी दिन प्रदूषण कम नहीं हुआ। जुलाई में महज एक दिन ही हवा की गुणवत्ता को बेहतर माना गया था। इस रिपोर्ट को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि सिर्फ पराली या शुष्क मौसम ही प्रदूषण का कारण नहीं है। पूरे उत्तर भारत में लंबे समय से हवा जहरीली है लेकिन सरकारों के प्रयास नाकाफी हैं।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
मौसमी परिस्थितियों के अनुकूल होने की वजह से दिल्ली-एनसीआर की हवाओं में लगातार दूसरे दिन सुधार हुआ। सुधार होते ही केंद्र सरकार की वायु गुणवत्ता एजेंसी सीएक्यूएम ने ग्रेडेड रेस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप) का चौथा चरण वापस लेने की घोषणा कर दी। इससे दिल्ली-एनसीआर में गैर बीएस-6 हल्के वाहनों व ट्रकों को प्रवेश की अनुमति मिल जाएगी। जरूरी निर्माण कार्य भी कराए जा सकेंगे
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हवा में AQI का स्तर हुआ कम
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दिल्ली की हवा में AQI का स्तर कम होने के बाद दिल्ली सरकार ने स्कूल खोलने और सरकारी कार्यालय के लिए वर्क फ्रॉम होम के फैसले को वापस ले लिया है। दिल्ली-नोएडा में 9 नवंबर यानी बुधवार से प्राइमरी स्कूल खुल जाएंगे। बता दें कि हाल ही में पांचवीं तक के स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया था। दरअसल 3 नवंबर को प्रदूषण की हेल्थ इमरजेंसी को देखते हुए कमिशन फॉर एयर क्वॉलिटी मैनेजमेंट (CAQM) ने ग्रैप-4 की सख्त पाबंदियों को लागू किया था जो अब हवा में सुधार के साथ हटा दिया गया है। GRAP-4 को भले हटा लिया गया है। लेकिन ग्रैप-1 से ग्रैप-3 तक जारी पाबंदियां अभी जारी हैं।