राजस्थान में एक निगम का खुद को मंत्री बताने वाले बिल्डर ने बुधवार दोपहर बाथरूम में खुद को गोली से उड़ा लिया। परिवार के लोगों ने पुलिस को बुलाकर दरवाजा तोड़ा तो बाथरूम में उनका शव खून से लथपथ पड़ा था। पुलिस मौके पर पहुंचकर सुसाइड नोट बरामद किया। बिल्डर ने अपनी मौत के लिए चार लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं लोगों में चर्चा थी कि गाजियाबाद में अंशुल का प्रापर्टी में काफी पैसा डूब गया था। जिस कारण वह तनाव में थे।
नोएडा, गाजियाबाद में था प्रापर्टी का काम
मवाना की पाश कालोनी आकांक्षा कुंज बी-23 में अंशुल रस्तौगी (44) पुत्र नरेश चंद रस्तौगी अपनी पत्नी रेनू रस्तौगी और दो बेटे स्पर्श (18 वर्ष) व ऋषि (14 वर्ष) संग रहते थे। अंशुल मवाना, नोएडा, गाजियाबाद में प्रापर्टी डीलिंग का काम करते थे। बुधवार दोपहर मकान में अंशुल और उनकी पत्नी थे। अंशुल ऊपरी मंजिल पर बने बाथरूम में नहाने की बात कहकर चले गए। बाथरूम में अंशुल ने अपनी कनपटी पर सटाकर गोली मार ली।
रोशनदान से देखा तो अंदर लाश पड़ी थी
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रोशनदान
- फोटो : अमर उजाला
गोली की आवाज सुनकर उनकी पत्नी हड़बड़ाती हुई ऊपरी मंजिल पर पहुंची। बाथरूम का दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। शोर मचाने पर कॉलोनी में अंशुल के रहने वाले परिवार के लोग भी वहां पर पहुंच गए। बाथरूम के बने रोशनदान में झांकर लोगों ने देखा तो अंशुल की लाश पड़ी थी।
पुलिस ने निकाली लाश
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bathroom
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर मवाना सुधीर कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दरवाजा तोड़ा और शव को पोस्टमार्टम हाउस भेजा। पुलिस ने बताया कि अंशुल ने बाथरूम में दो पन्नो के सुसाइड नोट भी छोड़ा है। उसके पास एक तमंचा 315, एक कारतूस तथा एक खोखा तमंचे की नाल में फंसा मिला है। उसने अपनी मौत का चार लोगों को जिम्मेदार बताया।
25 लाख में ली थी लालबत्ती
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घर में मचा कोहराम
- फोटो : अमर उजाला
इंस्पेक्टर मवाना सुधीर कुमार ने बताया कि अंशुल रस्तौगी ने 25 लाख रुपये देकर लालबत्ती लेना सुसाइड नोट में बताया है। दो महीने उसके पास लालबत्ती रही। उसको राजस्थान में एक विभाग का मंत्री बताया गया। जब उसको पता चला कि वह कोई मंत्री नहीं है, तब जाकर उसने अपनी गाड़ी से लालबत्ती उतारी।