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इस एक वजह से युवाओं में बढ़ रहा है हार्ट अटैक का खतरा

Thu, 29 Nov 2018 06:39 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 29 Nov 2018 06:39 PM IST
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youth increasing danger of heart attack Due to transfet
heart attack

दिल की बीमारियों को बढ़ावा देने वाले ट्रांस फैट को जहां राजधानी के डॉक्टर बड़ा खतरा मानते हैं। वहीं, केंद्र सरकार ने इसे लेकर शुक्रवार से राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएस एआई) इसे लेकर अभियान शुरू करेगा।  

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दिल्ली के मैक्स अस्पताल के ह्दयरोग विशेषज्ञ डॉ. रजनीश मल्होत्रा का कहना है कि ट्रांस फैट की मात्रा ज्यादा होने के कारण युवा दिल के रोगी बन रहे हैं। बाजार में बिकने वाले चिप्स या बिस्कुट से लेकर अन्य तमाम खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट की मौजूदगी लोगों को रक्तधमनियों में ब्लॉकेज और हार्ट सर्जरी तक पहुंचा रहे हैं। 
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वहीं, मैक्स के ही डॉ. विवेक कुमार का कहना है कि दिल्ली-एनसीआर में चाट, छोले भटूरे जैसे खाद्य पदार्थ का सेवन बाजार में करने का शौक है। जबकि दुकानों पर इन्हें ट्रांस फैट युक्त तेल में पकाया जाता है। अक्सर बर्गर और चाइनीज बटर में फ्राई के साथ परोसा जाता है, लेकिन दुकानों पर मौजूद बटर (मक्खन) में काफी ज्यादा ट्रांस फैट होता है। उन्होंने बताया कि ट्रांस फैट एक ऐसा तत्व है, जो शरीर में जाकर पाचन तंत्र के नियंत्रण में नहीं आता। इसके कारण रक्त के थक्के जमने या गाढ़ापन आने का डर रहता है। 

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दिल्ली में ज्यादा है ट्रांस फैट      
एम्स के ह्दयरोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप सेठ की मानें तो दिल्ली जैसे शहरों में ट्रांस फैट का चलन अत्यधिक है। जबकि छोटे शहरों में ये पैकेट में बंद चिप्स या बिस्कुट तक ही सीमित है। उनका ये भी कहना है कि सरकार खाद्य पदार्थों में ट्रांस फैट की मात्रा सीमित करने पर जोर दे रही है। जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन पूरी दुनिया से वर्ष 2025 तक ट्रांस फैट मुक्त भोजन की अपील कर चुका है।

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2022 तक खाद्य पदार्थों में नहीं होगा ये तत्व
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव ने बताया कि डब्ल्यूएचओ की अपील के बाद सरकार वर्ष 2022 तक खाद्य पदार्थों से ट्रांस फैट गायब करने पर जोर दे रही है। अभी सभी उत्पादों में इसकी मात्रा 2 फीसदी तक सीमित है। उन्होंने बताया कि ट्रांस फैट कार्डियोवास्कुलर बीमारियों का एक मुख्य कारण है। इसलिए इसे जल्द हटाने और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है।   

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