पूर्व विदेश मंत्री और दिल्ली की पहली महिला सीएम रहीं सुषमा स्वराज का मंगलवार शाम दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। इससे पहले रात नौ बजे उन्हें अचेत अवस्था में एम्स लाया गया था, जहां पांच डॉक्टरों की टीम ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। विदेश मंत्री रहते हुए सुषमा स्वराज ने बहुत सराहनीय कार्य किए। यहां तक कि उन्होंने कई पाकिस्तानियों की मदद भी की थी।
विदेश मंत्री रहते लोगों की समस्याओं से इस तरह जुड़ी रहीं कि एक ट्वीट मात्र से लोगों की समस्याएं सुलझा देती थीं। इन समस्याओं को धैर्य से सुनने और उन्हें हल करने के कारण वह काफी लोकप्रिय हो गईं। वह खास से आम सभी को फौरन जवाब देती थीं। कई बार लोगों को यकीन ही नहीं होता था कि वह खुद जवाब दे रही हैं।
पिछले साल एक व्यक्ति ने उनके लिए लिखा कि निश्चित रूप से सुषमा खुद ट्वीट नहीं करतीं। उन्होंने कोई पीआर रखा हुआ है, जो उनके ट्वीट करता है। इसके जवाब में सुषमा ने कहा, आप निश्चित रहें। यह मैं ही हूं, मेरा भूत नहीं है। उन्हें पिछली मोदी सरकार की सबसे सक्रिय मंत्रियों में से एक माना गया। 11 अक्तूबर 2017 को एक पाकिस्तानी महिला नीलिमा गफ्फार का भारत में इलाज के लिए वीजा जारी कराया। महिला के पति ने उनसे वीजा मंजूरी का अनुरोध किया था। सुषमा ने जवाब दिया, हम भारत में उनके इलाज के लिए वीजा दे रहे हैं।
पाक बच्चे का कराया इलाज
4 of 7
सुषमा स्वराज फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
मानवीय सद्भाव दिखाते हुए सुषमा ने इलाज के लिए एक पाकिस्तानी बच्चे को वीजा दिलाया। काशिफ चाचा ने अपने बेटे अब्दुल्ला के लिए मेडिकल वीजा का अनुरोध किया था। इस पर उन्होंने जवाब दिया, आपके बच्चे का इलाज दवा के अभाव में नहीं प्रभावित होना चाहिए। मैंने भारतीय उच्चायोग को मेडिकल वीजा जारी करने को कहा है।
गीता को भारत लाईं, बताया हिंदुस्तान की बेटी
गलती से सीमा पार पाकिस्तान गई मूकबधिर युवती गीता सुषमा की वजह से ही भारत लौट सकी। युवती 10 साल से पाकिस्तान में फंसी हुई थी। 26 अक्तूबर 2015 को जब वह भारत लौटी तो सुषमा ने उसे हिंदुस्तान की बेटी कहा। उसके माता-पिता को खोजने के लिए एक लाख रुपये इनाम की घोषणा की। उन्होंने गीता के लिए दूल्हा ढूंढने में भी पूरी दिलचस्पी दिखाई।