शहर की रामलीलाओं में मंगलवार को भगवान श्रीराम और रावण के बीच भीषण युद्ध के बाद रावण, मेघनाद व कुंभकरण के पुतलों का दहन हुआ। इसी के साथ एक बार फिर बुराई की हार और अच्छाई की जीत हुई। रामलीला समितियों के साथ-साथ सेक्टर और सोसायटी में भी रावण दहन के कार्यक्रम आयोजित हुए।
जलता हुआ रावण देखने उमड़ी भीड़, फिर हुई बुराई पर अच्छाई की जीत
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श्री राम मित्र मंडल समिति की तरफ से नोएडा स्टेडियम में आयोजित रामलीला में समता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. राम गोपाल यादव पहुंचे। उन्होंने ही तीर चलाकर रावण का पुतला दहन किया। लोगों को राम के जीवन को वास्तविकता में अपनाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही मीडिया की तरफ से प्रधानमंत्री के लखनऊ में रावण दहन पर पूछे गए सवाल पर जवाब भी दिया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश से एमपी हैं। अच्छी बात है कि उन्होंने लखनऊ में आयोजित रामलीला में रावण का दहन किया। लेकिन, उन्हें गुजरात, बिहार और दिल्ली पर भी ध्यान देना चाहिए। अगर बीजेपी सोच रही है कि 2017 में होने वाले चुनाव में उसको इससे फायदा मिलेगा तो वो पूरी तरह से गलत हैं।
बीजेपी कर मन साफ नहीं है, इसलिए उन्हें कोई फायदा नहीं मिलेगा। रामगोपाल ने रामलीला देखने आए लोगों की भीड़ को देखते हुए राजनीतिक फायदा उठाया और नोएडा प्रत्याशी अशोक चौहान के लिए वोट भी मांगे। दरअसल, रामगोपाल यादव जब नोएडा प्रवेश किए तो सपाइयों ने उनका स्वागत किया।
कट गए रावण के सिर व भुजाएं
रावण वध से पहले रामलीला का मंचन हुआ। इसमें दिखाया गया रावण सेना को विचलित होते देख धनुष उठाकर युद्ध करता है। इसके बाद लक्ष्मण व रावण का युद्ध होता है। रावण फिर से शक्ति प्राप्प्त करने के लिए यज्ञ करता है।