तस्वीरों में जानिए प्रभु के रेल बजट से दिल्ली-NCR को क्या मिला
प्रभु के रेल बजट से एनसीआर के यात्रियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। मुंबई लोकल की तर्ज पर दिल्ली-एनसीआर के लोग भी हवा से बातें करते हुए सफर कर सकेंगे। इस बजट से लो कॉस्ट ट्रेन को फास्ट ट्रैक मिलने की उम्मीद जग गई है। अब लोकल ट्रेनों की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की होगी। अमूमन लोकल ट्रेन 50-60 की स्पीड से ही से चल पाती है। (सभी फोटो: ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली)
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सबसे बड़े नेटवर्क व सस्ती होने के बावजूद भी दिल्ली-एनसीआर को जोड़ने वाली रेलवे अब संभव है कि मेट्रो की तरह यात्रियों के लिए लाइफ लाइन बन पाएगा। मुंबई लोकल की तरह अगर दिल्ली एनसीआर की लोकल भी तेजी से चलती है तो दिल्ली से गुड़गांव, गाजियाबाद, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत, रेवाड़ी, मेरठ, मथुरा, रोहतक जाना आसान हो जाएगा। इन रूटों पर लोकल ट्रेन प्रतिदिन 97 के करीब ईएमयू, 10एमईएमयू, 74 पैंसेंजर ट्रेन 204 से अधिक फेरे लगाती है।
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लोकल ट्रेनें मेट्रो की अपेक्षा काफी लो कॉस्ट सफर कराने वाली भी है। अभी तक दिल्ली-एनसीआर में राजधानी के विभिन्न स्टेशन से प्रति दिन 204 ट्रेनों से अधिक का फेरा लगता है। लेकिन यात्रियों की संख्या महज दो-ढाई लाख ही है। हालांकि, रेलवे की सबसे बड़ी खामी समय पर नहीं चलने की है। एक घंटे के सफर के लिए दो-ढ़ाई घंटे ट्रेन में ही गुजारना पड़ता है।
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सरकारी नौकरी करने वाले तो इसका इस्तेमाल कर भी लेते है, लेकिन प्राइवेट नौकरी करने वालों को समय के प्रबंधन में काफी मुश्किल होता है। जिसके कारण वे लोकल का इस्तेमाल करने से परहेज करते है। लेकिन अब अगर लोकल की स्पीड बढ़ी तो सभी वर्ग इसका इस्तेमाल करेंगे।
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रेल बजट में इस साल 100 स्टेशनों को वाई-फाई से लैस करने की बात कही गई है। इनमें दिल्ली के मुख्य स्टेशन आनंद विहार, निजामुद्दीन और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन भी शुमार हैं।