'मोदी जी हिन्दी के अच्छे दिन कब आएंगे'
सुबह आठ बजे मुखर्जी नगर स्थित बत्तरा सिनेमा से करीब पांच हजार छात्रों ने पैदल रेस कोर्स जाने की ठानी।
(फोटो- विवेक निगम व अनिल कुमार/अमर उजाला)
'मोदी जी हिन्दी के अच्छे दिन कब आएंगे'
दोपहर सवा 12 बजे वे सिविल लाइन से होते हुए राजघाट पहुंचे। छात्रों की मांग थी कि उन्हें शांतिपूर्वक कुछ देर यहां बैठने दिया जाए, लेकिन पुलिस के समझाने के बाद वे वहां से जंतर-मंतर की ओर चल पड़े।
'मोदी जी हिन्दी के अच्छे दिन कब आएंगे'
लगभग ढाई बजे पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया।
'मोदी जी हिन्दी के अच्छे दिन कब आएंगे'
करीब साढ़े तीन बजे प्रदर्शनकारियों को जानकारी मिली कि चारों मेट्रो स्टेशन के गेट खुल गए हैं।
'मोदी जी हिन्दी के अच्छे दिन कब आएंगे'
देश की सबसे बड़ी परीक्षा में हिन्दी की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए करीब 5000 छात्र सड़क पर उतरे।