उत्तर प्रदेश के उन्नाव की बिटिया से सामूहिक दुष्कर्म के 2 साल पुराने मामले में दोषी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (53) को दिल्ली की तीस हजारी अदालत ने शुक्रवार को उम्रकैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि उसे मौत तक जेल में रखा जाए। भाजपा से निकाले गए सेंगर पर 25 लाख का जुर्माना भी लगाया गया, जो उसे एक महीने के अंदर जमा करना होगा। जानिए अदालत ने कुलदीप सेंगर को सजा सुनाते वक्त क्या तर्क दिए जिन्हें सुनकर कुलदीप सेंगर कोर्ट में ही रो पड़ा और....
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कुलदीप सिंह सेंगर
- फोटो : सोशल मीडिया
सजा कम करने की अपील पर जिला जज धर्मेश शर्मा ने कहा, सेंगर ने जो भी किया, वह बिटिया को डराने-धमकाने के लिए किया। हमें नरमी दिखाने वाली कोई परिस्थिति नहीं दिखी। सेंगर लोक सेवक था, उसने लोगों से विश्वासघात किया, इसलिए सजा में कोई मुरव्वत नहीं। साथ ही अदालत ने यह निर्देश भी दिया कि उन्नाव की बिटिया को 10 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाए जो उनकी मां को मिलेगा।
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कुलदीप सिंह सेंगर
- फोटो : सोशल मीडिया
अदालत ने कहा है कि सीबीआई को पीड़िता और उसके परिवार के सदस्यों के जीवन को खतरा और उनकी सुरक्षा का हर तीन महीने में आकलन करते रहना होगा। बीते सोमवार को सेंगर (53) को कोर्ट ने बिटिया से दुष्कर्म और अपहरण का दोषी करार दिया था।
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कुलदीप सिंह सेंगर
- फोटो : अमर उजाला
साल भर बिटिया के परिवार को 15 हजार प्रति माह दे यूपी सरकार
कोर्ट ने सीबीआई को बिटिया और उसके परिवार की सुरक्षा से संबंधित जानकारी हर तीन महीने में लेने के निर्देश दिए हैं। पीड़िता और उसका परिवार अगले एक साल तक दिल्ली महिला आयोग द्वारा मुहैया करवाए गए घर में ही रहेगा। कोर्ट ने कहा, इस घर के लिए यूपी सरकार हर महीने बिटिया और उसके परिवार को 15 हजार रुपये दे।
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कुलदीप सिंह सेंगर
- फोटो : सोशल मीडिया
सजा सुनते ही फिर रोने लगा सेंगर
जैसे ही कोर्ट ने सजा का एलान किया, सेंगर फूट-फूटकर रोने लगा। इससे पहले सोमवार को भी जब उसे दोषी करार किया गया था, तब भी वह रोने लगा था।