ग्रेटर नोएडा के शाहबेरी में जमींदोज होने वाली दो इमारतों की घटना के चश्मदीद मिंटू डेका और उनकी पत्नी शिखा वही लोग हैं जिन्होंने इस मामले की सूचना पीसीआर को दी थी। बीती रात हुए हादसे से ये दोनों अब भी खौफ में हैं और इनकी आंखों के सामने वही डरावना मंजर घूम रहा है। इनके अलावा कुछ अन्य लोग भी इस पूरे हादसे के गवाह हैं।
पढ़ें इन चश्मदीदों के अनुसार क्या हुआ बीती रात-
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building collapse shaberi
- फोटो : अमर उजाला
मिंटू और उनकी पत्नी शिखा बताते हैं कि रात लगभग 9 बजे उन्होंने तेज धमाके की आवाज सुनी और ऐसी कंपन महसूस की जैसे भूकंप आया हो। मिंटू ने बताया कि मैंने अपनी पत्नी का हाथ पकड़कर कहा कि भागो क्योंकि मुझे लगा कि हमारी ही बिल्डिंग गिरने वाली है। हालांकि जब हम बाहर भागे तो हमने देखा कि सब जगह धूल-धूल फैली थी और हमारी आंखों के सामने दो इमारतें धीरे-धीरे ढह रही थीं।
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मिंटू ने ये भी बताया कि उसने रात 9 बजकर 20 मिनट पर पीसीआर को फोन किया था और इसके 15 मिनट बाद पुलिस मौके पर पहुंची। मिंटू और उनकी पत्नी के अलावा एक अन्य चश्मदीद भी सामने आया है। एसके उपाध्याय नाम के इस शख्स ने बताया कि उसने एक शख्स को मलबे में फंसे हुए देखा था। उसने टॉर्च लाइट भी जलाई थी लेकिन डर के मारे कोई उसे बाहर न निकाल सका।
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एसके उपाध्याय जो पास की ही एक बिल्डिंग में रहते हैं। उन्होंने बताया कि इस हादसे ने हमें बहुत डरा दिया है। यहां मेरा एक फ्लैट है जिसे मैंने सालों पहले 29 लाख में खरीदा था। मुझे नहीं पता कि मेरी इमारत सुरक्षित है या नहीं। प्राधिकरण को सेफ्टी ऑडिट भी कराना चाहिए।