'रामजन्म भूमि के जननायक और योद्धा थे अशोक सिंघल'
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संरक्षक अशोक सिंहल का निधन हो गया। साइबर सिटी के मेदांता अस्पताल में मंगलवार को दोपहर 2.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल के चेयरमैन डॉ. नरेश त्रेहान और विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया ने इसकी पुष्टि की।
'रामजन्म भूमि के जननायक और योद्धा थे अशोक सिंघल'
त्रेहान ने कहा कि अस्पताल की ओर से डॉक्टरों ने बहुत प्रयास किए। कई अंगों के फेल होने के कारण सिंहल को बचाया नहीं जा सका। उनकी मौत की सूचना से विहिप, भाजपा, आरएसएस और उनके चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ पड़ी। तबीयत बिगड़ने पर सिंहल को दोबारा 12 नवंबर को भर्ती कराया गया था।
'रामजन्म भूमि के जननायक और योद्धा थे अशोक सिंघल'
89 साल के सिंहल को सांस संबंधी परेशानी थी । 20 अक्तूबर को इलाहाबाद में तबीयत खराब होने के बाद एयर एंबुलेंस से उन्हें मेदांता अस्पताल लाया गया था। तबीयत में सुधार होने के बाद 11 नवंबर को विहिप के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए छुट्टी दे दी गई थी, लेकिन सीने में दर्द और सांस लेने में दिक्कत के बाद दोबारा भर्ती करवाना पड़ा था।
'रामजन्म भूमि के जननायक और योद्धा थे अशोक सिंघल'
बीच में एक दिन उनकी तबीयत ठीक थी। सोमवार को तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद लाइफ स्पोर्ट सिस्टम पर रखा गया था। तब से इनकी हालत नाजुक बनी हुई थी। मंगलवार को अचेत अवस्था में थे। उन्होंने दो बार ही आंख खोली थी। सिंहल की जांच के लिए अस्पताल की ओर से आठ सदस्यीय विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगाई गई थी।
'रामजन्म भूमि के जननायक और योद्धा थे अशोक सिंघल'
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके दूबे ने बताया कि हर घंटे चेकअप किया जा रहा था, लेकिन अफसोस कि उन्हें बचा नहीं सके। मंगलवार सुबह से ही अस्पताल में विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया मौजूद थे। इसके अलावा लाल कृष्ण आडवाणी, सत्यमित्रानंद महाराज, उनके भतीजे रवि सिंहल समेत अन्य कई वीआईपी भी पहुंचे।