देश को हिला देने वाले श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब पूनावाला ने सबूतों को सोची-समझी साजिश के तहत खत्म किया है। उसने श्रद्धा के शव के टुकड़े करने में इस्तेमाल किए गए औजारों को इस तरह फेंका कि पुलिस बाद में ढूंढ न सके। आरोपी ने आरी व ब्लेड को गुरुग्राम में डीएलएफ के पास जंगल में फेंका था। इसके अलावा चापड़ को उसने छत्तरपुर में 100 फुटा रोड पर कूड़े के खत्ते में फेंका था। दूसरी तरफ आफताब गुरुग्राम स्थित जिस कॉल सेंटर में नौकरी करता था, वहां अब वर्क फ्रॉम होम कर दिया गया है।
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महरौली के जंगल में मौजूद पुलिस की टीम
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी आफताब ने बताया कि उसने आरी व ब्लेड को गुरुग्राम में फेंका था। ऐसे में पुलिस आरोपी को लेकर दो दिन गुरुग्राम के जंगल में तलाशी अभियान चला चुकी है, लेकिन पुलिस को कुछ नहीं मिला। आरोपी श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के लिए महरौली बाजार से धारदार वाले तीन ब्लेड खरीदकर आया था। गुरुग्राम में एक-दो दिन बाद फिर तलाशी अभियान चलाया जाएगा।
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श्रद्धा हत्याकांड में नया खुलासा
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आरोपी ने बताया कि वह कॉल सेंटर में नौकरी के लिए मेट्रो से जाता था। जिस दिन वह ऑरी व ब्लेड को ले गया था, उस दिन वह प्राइवेट कार से लिफ्ट लेकर गुरुग्राम गया था। महरौली-गुरुग्राम रोड पर पैसे लेकर लिफ्ट देने वाली गाड़ियां चलती हैं।
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श्रद्धा हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस की टीम
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छत्तरपुर में 100 फुटा रोड पर कूड़े के बड़े-बड़े ड्रम रखे हैं। उसने चापड़ को इन ड्रमों में फेंका था। दूसरी तरफ आफताब जिस कॉल सेंटर में नौकरी करता था वहां वर्क फ्रॉम होम कर दिया गया है। कॉल सेंटर में पुलिस कई बार जा चुकी है और उसके सहकर्मियों के बयान दर्ज किए हैं। कॉल सेंटर प्रशासन का कहना है कि पुलिस रोज-रोज आ रही है। इस कारण सेंटर में वर्क फ्रॉम होम कर दिया गया है।
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श्रद्धा हत्याकांड की जांच में जुटी पुलिस की टीम
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घटना के खुलासे के लिए बनाई सलाहकार टीम
श्रद्धा हत्याकांड हाई-प्रोफाइल हो गया है। ऐसे में पुलिस इस केस की जांच में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है। इस बात को ध्यान देखते हुए दिल्ली पुलिस की एसीपी रमन लांबा की देखरेख में तेजतर्रार चार इंस्पेक्टर की सलाहकार टीम बनाई गई है। ये टीम पूरे केस पर नजर रखे हुए है और महरौली पुलिस को लगातार सलाह दे रही है। सलाहकार टीम की मदद से केस में हर कोण से जांच की जा रही है। एसीपी रमन लांबा कुछ समय पहले तक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ में तैनात थे। हाल ही में उनका तबादला द्वारका जिले में किया गया है। उन्हें श्रद्धा हत्याकांड में सलाह देने के लिए दक्षिण जिला बुलाया गया है।