जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव को लेकर छात्रों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। चुनाव की मांग को लेकर छात्र कई दिनों से कैंपस में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। बुधवार शाम को तीन छात्रों ने तीन दिन की भूख हड़ताल शुरू की है। वहीं, मांग पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी भी दी है। खास बात यह है कि आइसा, एनएसयूआई, एसएफआई, सीवाईसीएस समेत 12 छात्र संगठनों ने ज्वाइंट एक्शन स्टूडेंट फोरम बनाया है।
जामिया के तीन छात्र भूख हड़ताल पर, छात्रसंघ चुनाव करवाने की रखी मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आइसा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अंबर फातिमी ने बताया कि लिंगदोह कमेटी की सिफारिश के तहत देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव होते हैं। लेकिन जामिया में करीब 12 साल से छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगी है।
उधर, जामिया प्रबंधन का कहना है कि इस मामले में उच्च न्यायालय से जैसे ही आधिकारिक रिकॉर्ड मिल जाएंगे, वैसे ही मामले के कानूनी पहलुओं पर बात होगी। जो विकल्प प्रशासन के पास उपलब्ध होंगे, उनके आधार पर समाधान किया जाएगा। अदालत के निर्देश के बिना यदि छात्र या विश्वविद्यालय कोई कदम उठाते हैं तो यह अदालत की अवमानना होगी।
बता दें कि इससे पहले चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का प्रतिनिधिमंडल कुलपति प्रो. तलत अहमद से मिला था और उन्हें मांग पत्र भी सौंपा था। सैद्धांतिक तौर पर कुलपति चुनाव कराने की मांग पर सहमत हुए थे। कुलपति ने छात्रों को इस मामले में कानूनी और तकनीकी समस्याओं से भी अवगत कराया। छात्रों को बताया गया कि छात्रसंघ चुनाव को लेकर एक छात्र ने वर्ष 2012 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। लेकिन मामले से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेज आधिकारिक रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं है। तीसरा रिट याचिका पर अंतिम सुनवाई के लिए सूूचीबद्ध है। मामला अभी अदालत में विचाराधीन है।
प्रशासन ने इससे जुड़े रिकॉर्ड प्राप्त करने के लिए 9 अक्तूबर को आवेदन किया है। ऐसे में अब छात्र संघ चुनाव कराने को लेकर तीन विकल्प हैं। एक हाईकोर्ट से याचिकाकर्ता मामला वापस ले ले। दूसरा विश्वविद्यालय के वर्तमान छात्र कोर्ट से तुरंत राहत देने का आग्रह करें। तीसरा विकल्प यह है कि केस के तथ्यों के आधार पर उसका फैसला किया जाए।