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...तो इन 10 बड़े कारणों से ABVP को DUSU चुनाव में मिली कारारी शिकस्त

Wed, 13 Sep 2017 09:17 PM IST
रश्मी,अमर उजाला, नर्ई दिल्ली
रश्मी,अमर उजाला, नर्ई दिल्ली Updated Wed, 13 Sep 2017 09:17 PM IST
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Ten major reasons of ABVP defeat in DUSU elections 2017
dusu election - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली विश्विद्यालय छात्र संघ चुनाव मे इस बार एनएसयूआई का बड़ा करिश्मा देखने को मिला है। एनएसयूआई ने चार सीटों में से दो बड़ी सीटें जीतकर चुनाव में चार साल से जीत हासिल करती आ रही एबीवीपी को जबरदस्त पटखनी दी है। एनएसयूआई ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव-2017 में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है।


इन चुनावों में एबीवीपी की ऐसी दुर्गती क्यों हुई ये विषय समझना जरूरी है क्योंकि पिछले चार सालों से दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में एबीवीपी का जलवा कायम रहा है। अमर उजाला डॉटकॉम अपने पाठकों को भगवा रंग फीका पड़ने के पांच बड़े कारण बताने जा रहा है...

 

डूसू चुनाव में भगवा रंग फीका पड़ने के 10 बड़े कारण...  

Ten major reasons of ABVP defeat in DUSU elections 2017
डूसू चुनाव
1. ऐसा माना जाता रहा है कि दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में जब-जब ज्यादा वोटिंग हुई है तो चुनाव का रिजल्ट हमेशा एनएसयूआई के फेवर में गया है। वहीं इसके उलट स्थिति में कम वोटिंग होने पर जीत एबीवीपी को मिलती रही है। देखा जाए तो इस बार दिल्ली विश्वविद्यालय चुनाव में वोटिंग प्रतिशत में इजाफा हुआ है। पिछले साल तकरीबन 39 फीसदी वोटों की तुलना में इस बार 45 फीसदी वोट डाले गए। इसका सीधा फायदा एनएसयूआई को मिला है।    
Ten major reasons of ABVP defeat in DUSU elections 2017
दिल्ली विश्वविद्यालय में पोस्टर हटाते हुए - फोटो : अमर उजाला
2. बीते साल अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने वाले एबीवीपी प्रेसिडेंट सतिंदर रवाना का एक वीडियो वायरल हुआ था जिसने छात्रों के बीच पार्टी की छवी को धुमिल किया। इस वीडियों में सतींदर रवाना ने डीयू की एक टीचर से बदतमीजी की थी। माना जा रहा है कि इससे एबीवीपी को काफी नुकसान पहुंचा है।  

 
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Ten major reasons of ABVP defeat in DUSU elections 2017
डूसू चुनाव - फोटो : अमर उजाला
3. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में जाट-गुर्जर फैक्टर बेहद काम करता है। माना जाता है कि छात्र इस आधार पर भी वोटिंग करते हैं। एनएसयूआई ने जाट कैंडिडेट रॉकी तुषीड को अध्यक्ष पद पर उतारा था जबकि एबीवीपी ने इस बार अध्यक्ष पद के लिए गुर्जर कैंडिडेट को चुना लेकिन एबीवीपी का गुर्जर फैक्टर एनएसयूआई के जाट फैक्टर के आगे फ्लॉप साबित हुआ। 





 
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Ten major reasons of ABVP defeat in DUSU elections 2017
dusu election - फोटो : अमर उजाला
4. दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में ग्लैमर भी खूब काम करता है। चुनाव से पहले छात्रनेता सुंदर तस्वीरें खिंचवा कर छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करने की कोशिश करते हैं। एनएसयूआई का अध्यक्ष पद का कैंडिडेट रॉकी तुषीड एबीवीपी के उम्मीदवार की अपेक्षा गुडलुकिंग है।  

 
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