एनडीएमसी ने एक बार फिर रोड का एवं चौक का नाम बदलने का निर्णय लिया था। एनडीएमसी की हुई बैठक में बृहस्पतिवार को तीन मूर्ति चौक और तीन मूर्ति मार्ग का नाम बदलने का निर्णय लिया गया। लेकिन फिलहाल यह फैसला स्थगित कर दिया गया है।
एनडीएमसी ने इन दोनों निर्णय पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मोहर लगाई थी। बैठक में एनडीएमसी के अध्यक्ष नरेश कुमार, उपाध्यक्ष करण सिंह तंवर, विधायक एवं सदस्य सुरेन्द्र सिंह आदि उपस्थित थे।
करण सिंह तंवर के बताया कि तीन मूर्ति चौक स्थित तीन मूर्तिया भारतीय सेना की उन तीन रेजीमेंटों को दर्शाती हैं, जिन्होंने हाइफा पोस्ट को मुस्लिम टर्की से बचाकर अपना जीवन बलिदान कर दिया। इसी कारण उनकी याद में चौक एवं मार्ग का नाम बदलने का निर्णय लिया गया था। इसे फिलहाल स्थगित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इससे पहले एनडीएमसी ने कई सड़कों के नाम बदले है। वर्ष 1996 में कनॉट सर्कस का नाम बदलकर इंदिरा चौक और कनॉट प्लेस का नाम बदलकर राजीव चौक किया था।
वर्ष 2002 में केनिंग रोड का नाम बदलकर माधव राव सिंधिया मार्ग, वर्ष 2015 में औरंगजेब रोड का नाम बदलकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम रोड, वर्ष 2016 में रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग, इस साल डलहौजी रोड का नाम बदलकर दारा शिकोह रोड और पार्क स्ट्रीट एवं पार्क लेन का नाम बदलकर बंगाबंधु शेख मुजीबुर रोड एवं बंगाबंधु शेख मुजीबुर लेन के रूप में तब्दील हो चुके हैं।