आतंकी संगटन आईएसजेके में शामिल होने का सोशल मीडिया पर दावा करने वाले शारदा यूनिवर्सिटी के छात्र एहतेशाम बिलाल सोफी के पिता मारपीट के घटना के बाद कश्मीर से ग्रेटर नोएडा आए थे। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। दरअसल कुछ छात्रों ने बिलाल को अफगान समझकर पीट दिया था। यूनिवर्सिटी में अफगान और भारतीय छात्रों में विवाद चल रहा था। इसकी शुरुआत व्हाट्सएप पर कुछ टिप्पणी करने से हुई थी।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने भी इस मामले में कोई एफआईआर नहीं दर्ज कराई थी। हालांकि बाद में पुलिस ने 400 छात्रों पर मारपीट और झगड़े का केस दर्ज कर लिया था। बिलाल के करीबियों का कहना है कि वह उद्दंड प्रवृति का था इसी वजह से परिजनों ने ग्रेटर नोएडा पढ़ने भेजा था।
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ehtisham bilal
- फोटो : फाइल
वहीं जम्मू कश्मीर पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर बिलाल का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसकी पड़ताल की जा रही है। बिलाल के पिता अहमद सोफी ने कुछ भी कहने से मना कर दिया। पुलिस का कहना है कि बिलाल अगर आतंकी संगठन में गया है तो इसकी वजह मारपीट नहीं हो सकती।
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शारदा यूनिवर्सिटी
- फोटो : अमर उजाला
अगर मारपीट हुई तो ग्रेटर नोएडा में केस क्यों नहीं दर्ज कराया गया। पुलिस को पता चला है कि बिलाल ने 28 अक्तूबर को अपने दोस्तों से कहा कि वो दिल्ली जा रहा है। उसने अपने पिता से एक हजार रुपये मांगे तो उन्होंने 500 रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिए।
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राजनाथ सिंह और महबूबा मुफ्ती
उसने उस में से केवल 400 रुपये निकाले। जब वह नहीं लौटा तो उसके लापता होने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई। बिलाल मेडिकल इमेजिंग टेक्नोलाजी का छात्र था। जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से बिलाल के लापता होने पर चिंता जाहिर की थी।