‘अशोक गहलोत राजस्थान में कांग्रेस को 21 सीटों पर छोड़कर गए थे। मेरे भाई ने दिन रात मेहनत करके राजस्थान में पार्टी को बहुमत तक पहुंचा दिया, लेकिन अब गद्दी गहलोत को दे दी गई।’ यह कहना है वैदपुरा में सचिन पायलट के चचेरे भाई महिपाल सिंह का। कांग्रेस के फैसले से वह नाराज दिखे। राजेश पायलट व नत्थी सिंह दो सगे भाई थे।
सचिन पायलट को सीएम न बनाने पर परिजन नाराज, कहा- मुख्यमंत्री बनते तो रच जाता इतिहास
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नत्थी सिंह के बेटे महिपाल सिंह परिवार के साथ वैदपुरा में ही रहते हैं। राजेश पायलट की समाधि भी वैदपुरा में ही बनी हुई है। उनके पुत्र सचिन पायलट परिवार के साथ अब भी साल भर में कम से कम दो बार वैदपुरा आते हैं। एक 11 जून को राजेश पायलट की पुण्यतिथि पर और दूसरी बार गोवर्धन पूजा पर। यहां के लोगों से उनका पहले जैसा ही जुड़ाव है।
मुख्यमंत्री बनते तो रच जाता इतिहास
राजस्थान में कांग्रेस की जीत के बाद कांग्रेसियों में उत्साह था कि मुख्यमंत्री सचिन पायलट बनेंगे, लेकिन शुक्रवार को उनके डिप्टी सीएम बनने की मुहर लगी। पायलट तीसरे नेता हैं जो गुर्जर समाज से उपमुख्यमंत्री बने हैं। अगर सीएम बन जाते तो गुर्जर समाज के लिए इतिहास रच जाता। राजस्थान में विधानसभा के चुनाव में नोएडा समेत पश्चिमी यूपी के गुर्जरों ने जाकर वहां पर प्रचार किया था। सोशल मीडिया पर राजस्थान, यूपी और हरियाणा के अलावा मध्यप्रदेश के लोगों ने भी पायलट को मुख्यमंत्री बनाने की मुहिम चलाई थी। गुर्जर समाज की ओर से उपमुख्यमंत्री के तौर पर सचिन पायलट तीसरे नेता है। सबसे पहले 1967 में मुख्यमंत्री रहे चौधरी चरण सिंह के साथ दादरी के नया गांव निवासी रामचंद्र विकल उपमुख्यमंत्री रहे थे। जबकि 1979 में मुख्यमंत्री बनारसीदास के साथ मुजफ्फरनगर के बींझणा गांव निवासी नारायण सिंह एडवोकेट उप मुख्यमंत्री रहे थे।
कांग्रेस गुर्जरों का सम्मान करने से चूक गई : तेजा
गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष तेजा गुर्जर ने कहा कि पूरा देश यही चाहता था कि सचिन पायलट ही राजस्थान के सीएम बनें, क्योंकि सचिन ने चुनाव में कड़ी मेहनत की थी चूंकि दादरी क्षेत्र गुर्जरों की राजधानी कहा जाता है और सचिन यहां के गांव वैदपुरा के रहने वाले हैं। क्षेत्र के गुर्जरों को आशा थी कि सचिन ही सीम बनेंगे लेकिन कांग्रेस गुर्जरों का सम्मान करने से चूक गई। पिछले लोक सभा चुनाव के दौरान गुर्जरों ने भाजपा का साथ दिया था, लेकिन विधानसभा चुनाव में राजस्थान का गुर्जर कांग्रेस के साथ गया। अगर सचिन को सीएम बना दिया जाता तो आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को जरूर फायदा होता।
क्या कहते हैं लोग
सचिन ने राजस्थान चुनाव में बहुत मेहनत की, पार्टी को खड़ा किया, लेकिन मुख्यमंत्री किसी और को बना दिया। पार्टी का यह फैसला गलत है।- राजेश्वरी देवी, सचिन की चचेरी भाभी
सचिन को आगे लाना चाहिए था। हम लोग यही उम्मीद कर रहे थे। उनको मुख्यमंत्री न बनाने से हमें मायूसी हुई है।- जहीरन, पड़ोसी
- पार्टी आलाकमान का फैसला सभी मान रहे हैं, लेकिन सचिन पायलट ने कांग्रेस को राजस्थान में बहुमत में ला दिया तो उनको मुख्यमंत्री बनाना चाहिए था।-रोहित, पड़ोसी
अगर मुख्यमंत्री बनाते तो युवा वर्ग कांग्रेस के साथ आ जाता। राजस्थान चुनाव में भी सचिन की वजह से ही युवा साथ आए और सरकार बन गई।- अभिषेक नागर, पड़ोसी