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किशोरी से दुष्कर्म मामला, मदरसे पर लटकी सीलिंग की तलवार
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 29 Apr 2018 01:25 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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साहिबाबाद के अर्थला स्थित नीलमणि कॉलोनी में बने मदरसे पर जल्द ही सीलिंग की कार्रवाई हो सकती है। वक्फ बोर्ड और जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की टीम ने शनिवार को मदरसे का निरीक्षण किया।
बताया जा रहा है कि टीम को मदरसा बिना मान्यता के संचालित मिला, जिसका वक्फ व जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से रजिस्ट्रेशन नहीं है। ऐसे में टीम ने दो दिन के अंदर कागजात प्रस्तुत करने को कहा है। कागजात प्रस्तुत न किए जाने की स्थिति में टीम अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार दोपहर करीब पौने एक बजे मेरठ से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर मौहम्मद तारिक और जिले के वक्फ बोर्ड के सहायक सर्वे आयुक्त सोन कुमार व इंस्पेक्टर रेश्मीन अख्तर समेत चार सदस्यों की टीम ने मदरसे का निरीक्षण किया। टीम ने मदरसे में बच्चों से भी बातचीत कर किशोरी और मौलवी के बारे पूछा हालांकि टीम को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
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बताया जा रहा है कि टीम को मदरसा बिना मान्यता के संचालित मिला, जिसका वक्फ व जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से रजिस्ट्रेशन नहीं है। ऐसे में टीम ने दो दिन के अंदर कागजात प्रस्तुत करने को कहा है। कागजात प्रस्तुत न किए जाने की स्थिति में टीम अपनी रिपोर्ट शासन को भेजेगी। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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शनिवार दोपहर करीब पौने एक बजे मेरठ से अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर मौहम्मद तारिक और जिले के वक्फ बोर्ड के सहायक सर्वे आयुक्त सोन कुमार व इंस्पेक्टर रेश्मीन अख्तर समेत चार सदस्यों की टीम ने मदरसे का निरीक्षण किया। टीम ने मदरसे में बच्चों से भी बातचीत कर किशोरी और मौलवी के बारे पूछा हालांकि टीम को कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी।
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मदरसे का रजिस्ट्रेशन नहीं
निरीक्षण करने आए जिला वक्फ बोर्ड के सहायक सर्वे आयुक्त सोन कुमार ने बताया कि डीएम के आदेश पर जांच की जा रही है। जांच में सामने आया है कि वक्फ बोर्ड और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अभिलेखों में मदरसे का रजिस्ट्रेशन नहीं है।
अब टीम इसकी रिपोर्ट दो दिनों में तैयार कर शासन को भेजेगी। इसके बाद शासन के निर्देश पर मदरसे पर सील की कार्रवाई भी की जा सकती है। उधर, वक्फ बोर्ड की इंस्पेक्टर रेश्मीन अख्तर ने बताया कि 1995 से पहले मदरसे के संचालन के लिए शिक्षा विभाग से मान्यता ली जाती थी। इसके बाद से वक्फ बोर्ड से मान्यता लेना जरूरी होता है। ऐसे में जांच की जा रही है कि मदरसा की मान्यता वर्ष 1995 से पहले तो नहीं ली गई है। आसपास के बुजुर्ग लोगों ने पूछताछ के दौरान बताया कि मस्जिद और मदरसा करीब 15 साल पहले शुरू था।
किशोर भी करता था मदरसे की देखरेख
मदरसे के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि आरोपी किशोर बिहार निवासी है। करीब साल पूर्व मौलवी ही उसे बिहार से लेकर आया था। पढ़ने के साथ अब बच्चों को पढ़ाता भी था। साथ ही मौलवी की गैर मौजूदगी में वह मदरसे को संभालता था।
तनाव के चलते तैनात है कालोनी में पुलिस
शुक्रवार को मौलवी के घर पर तोड़फोड़ के बाद कालोनी में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मदरसे के साथ मौलवी और कालोनी में पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस अधिकारी कालोनी में दौरा कर सुरक्षा का जायजा ले रहे है। साथ ही एक साथ लोगों की भीड़ जाम नहीं होने दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कीमत पर सौहार्द नहीं बिगड़ने दिया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अब टीम इसकी रिपोर्ट दो दिनों में तैयार कर शासन को भेजेगी। इसके बाद शासन के निर्देश पर मदरसे पर सील की कार्रवाई भी की जा सकती है। उधर, वक्फ बोर्ड की इंस्पेक्टर रेश्मीन अख्तर ने बताया कि 1995 से पहले मदरसे के संचालन के लिए शिक्षा विभाग से मान्यता ली जाती थी। इसके बाद से वक्फ बोर्ड से मान्यता लेना जरूरी होता है। ऐसे में जांच की जा रही है कि मदरसा की मान्यता वर्ष 1995 से पहले तो नहीं ली गई है। आसपास के बुजुर्ग लोगों ने पूछताछ के दौरान बताया कि मस्जिद और मदरसा करीब 15 साल पहले शुरू था।
किशोर भी करता था मदरसे की देखरेख
मदरसे के आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि आरोपी किशोर बिहार निवासी है। करीब साल पूर्व मौलवी ही उसे बिहार से लेकर आया था। पढ़ने के साथ अब बच्चों को पढ़ाता भी था। साथ ही मौलवी की गैर मौजूदगी में वह मदरसे को संभालता था।
तनाव के चलते तैनात है कालोनी में पुलिस
शुक्रवार को मौलवी के घर पर तोड़फोड़ के बाद कालोनी में तनाव को देखते हुए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। मदरसे के साथ मौलवी और कालोनी में पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। पुलिस अधिकारी कालोनी में दौरा कर सुरक्षा का जायजा ले रहे है। साथ ही एक साथ लोगों की भीड़ जाम नहीं होने दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी कीमत पर सौहार्द नहीं बिगड़ने दिया जाएगा। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।