प्रगति मैदान के नीचे बनाई गई टनल हर मामले में हाईटेक है। टनल में वाहनों एवं चालकों की सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए गए हैं। इसके अलावा टनल में यातायात जाम की भी नौबत नहीं आएगी, वहीं टनल में मानसून के दौरान वाहन चालकों को जलभराव की समस्या से भी दो-चार नहीं होना पड़ेगा।
Pragati Maidan Tunnel: हर मामले में हाईटेक है प्रगति मैदान टनल, इसकी दीवारों पर बनाई गईं दुनिया की सबसे बड़ी कलाकृतियां
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रिंग रोड और मथुरा मार्ग से काफी हद तक कम हो जाएगा जाम
टनल चालू होने पर रिंग रोड, मथुरा रोड, इंडिया गेट, पुराना किला रोड, भैरों मार्ग आदि पर जाम की समस्या दूर हो जाएगी। यहां महज एक से डेढ़ किलोमीटर की दूरी को तय करने में 20 से 30 मिनट समय लग जाता है। शाम के वक्त यमुनापार की ओर से आकर नई दिल्ली में जाने के दौरान भारी जाम का सामना करना पड़ता है। कुछ लोग इस जाम से छुटकारा पाने के लिए विकल्प ना होने पर आईटीओ एवं भैरों मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। यहां भी अक्सर भारी जाम रहता है। अब टनल चालू होने पर यह सफर दो-तीन मिनट में ही तय हो जाएगा। टनल के माध्यम से रिंग रोड होते हुए सीधे इंडिया गेट पर पहुंचा जा सकेगा। वहीं, इंडिया गेट से वापस आते वक्त पुराना किला रोड से होते हुए इस टनल का इस्तेमाल रिंग रोड पर आने के लिए किया जाएगा। टनल का इस्तेमाल करने से इंडिया गेट से रिंग रोड तक पहुंचने के लिए महज चार मिनट समय लगेगा।
किसी भी दीवार पर नहीं बनी है इतनी बड़ी कलाकृति टनल की दीवारों पर दोनों ओर कलाकृतियां बनाई गई हैं। दुनिया में किसी भी दीवार पर इतनी बड़ी कलाकृति नहीं बनी है। करीब एक लाख वर्ग मीटर में कलाकृति बनाई गई है। यह कलाकृति बहुत ही अनोखी है। टनल की दीवारों पर तीन मिलीमीटर मोटी माइल्ड स्टील की चादर लगाई गई है। उसके ऊपर पाउडर कलर कोटिंग के जरिए पेंटिंग की गई है। टनल को देश की समस्त छह ऋतुओं के रूप में बांटा गया है। इसका हर हिस्सा ऋतु के अनुसार सूर्य और चांद के महत्व को बताता है। ऋतुओं के अनुसार कश्मीर से कन्याकुमारी तक के सभी त्योहारों की झलक दिखाई दे रही है।
-भैरों मार्ग, रिंग रोड, मथुरा रोड और पटियाला हाउस कोर्ट रोड पर रोजाना लगने वाले जाम की समस्या से राहत मिलेगी।
- वाहन सीधे रिंग रोड से टनल के अंदर प्रवेश करके इंडिया गेट सर्कल तक पहुंच सकेंगे। वाहन चालकों का समय भी बचेगा।
- आईटीओ से डीपीएस मथुरा रोड तक करीब दो किलोमीटर के दायरे में छह ट्रैफिक सिग्नल पूरी तरह से खत्म हो जाएंगे।
- जाम नहीं लगने पर करीब 12 हजार टन कार्बन डाइ ऑक्साइड का प्रतिवर्ष उत्सर्जन कम होगा।
- प्रति वाहन प्रति घंटे करीब 600 मिली लीटर ईंधन की खपत कम होगी।
-काका नगर यू-टर्न अंडरपास से लाजपत नगर की ओर से आकर निजामुद्दीन की तरफ जाया जा सकेगा।
- सुंदर नगर यू-टर्न अंडरपास से भैरों मार्ग व चिड़ियाघर की ओर से आकर काकानगर, हाईकोर्ट की तरफ जाया जा सकेगा।
- मटकापीर अंडरपास से शेरशाह रोड से भैरों मार्ग व सुंदर नगर की ओर जाने वालों को लाभ होगा।
- सुप्रीम कोर्ट अंडपास से पुराना किला रोड और भगवानदास रोड की ओर से आने वाला यातायात भैरों मार्ग व चिड़ियाघर की तरफ जा सकेगा।
- भैरों मार्ग-रिंग रोड टी-जंक्शन अंडरपास से भैरों मार्ग से सराय काले खां बस अड्डा व एनएच नौ की ओर जाया जा सकेगा।