{"_id":"4ed9482ccbc53f8c0cd71831415a7a75","slug":"pics-swati-meet-to-sex-worker-asked-for-the-problem","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"PHOTOS: जिम्मा संभालते ही दिल्ली की बदनाम गलियों में पहुंची स्वाति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PHOTOS: जिम्मा संभालते ही दिल्ली की बदनाम गलियों में पहुंची स्वाति
Thu, 23 Jul 2015 01:03 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 23 Jul 2015 01:03 PM IST
विज्ञापन
PHOTOS: जिम्मा संभालते ही दिल्ली की बदनाम गलियों में पहुंची स्वाति
1 of 7
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
दिल्ली महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति अपनी टीम सहित बुधवार सुबह 9:30 बजे जीबी रोड पहुंची। सेक्स वर्कर से मिलने व उनकी स्थिति को परखने पहुंची आयोग की टीम ने उनसे बात करके उनकी समस्याओं की जानकारी हासिल की। खास बात यह रही कि इस दौरान जीबी रोड के दुकानदारों ने स्वाति से सीधे सवाल कर दिया कि उपराज्यपाल ने तो नियुक्ति को गलत करार दिया है, फिर किस हक से वहां आई हैं?
PHOTOS: जिम्मा संभालते ही दिल्ली की बदनाम गलियों में पहुंची स्वाति
2 of 7
कोठा नंबर 43 : समय 11 बजे - सीनियर सिटीजन महिला 40 सालों से परिवार का बनीं सहारा
सीधी सीढ़ियां चढ़ते ही ऊपर एक कमरा दिखा। यहां करीब पंद्रह लड़कियां (सेक्स वर्कर) थीं। जिसमें 10 महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलगांना की रहने वाली थीं। यहां लड़कियों के बीच चार छोटे बच्चे भी थे। छोटे से कमरे की गैलरी में बैठी लड़कियों ने स्वाति को बताया कि वे अपनी मर्जी से यहां पहुंची हैं।
PHOTOS: जिम्मा संभालते ही दिल्ली की बदनाम गलियों में पहुंची स्वाति
3 of 7
यहां एक एक बुजुर्ग महिला भी दिखी, जो कि पिछले चालीस सालों से यहां मिलने वाले पैसे को कर्नाटक में अपने घर भेजती हैं। जिससे पूरा परिवार पल रहा है। महिला का कहना था कि अब तो याद भी नहीं कि बाहर की दुनिया कैसी होती है? बस परिवार का चेहरा दिखता है। हालांकि स्वाति के पूछने पर महिला ने बताया कि सरकार की ओर से सीनियर सिटीजन पेंशन का लाभ आज तक नहीं मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
PHOTOS: जिम्मा संभालते ही दिल्ली की बदनाम गलियों में पहुंची स्वाति
4 of 7
कोठा नंबर 49 : समय दोपहर 1 बजे- तहखानों के टूटे ताले, गंदगी की भरमार
तीसरी मंजिल पर बने कमरों की हालत देखकर किसी के भी कदम ठिठक जाएं। छोटे बच्चे और कम उम्र की लड़कियां (दक्षिण भारतीय) फर्श पर बैठी हुई थीं। स्वाति ने तीन लड़कियों से उनके नाम व पता पूछे। लड़कियों ने कहा वे अपनी मर्जी से यहां आई हैं। यहां का पता जान-पहचान की महिलाओं से चला, जोकि यहां रहती थीं। यहां कमरों के अंदर दो छत दिखीं, नीचे केबिन तो ऊपर तहखाने थे। जहां जाने के लिए बाथरूम के पास से छोटी सीढ़ी बनी हुई थीं।
विज्ञापन
PHOTOS: जिम्मा संभालते ही दिल्ली की बदनाम गलियों में पहुंची स्वाति
5 of 7
अंदर ही अंदर एक-दूसरे से जुड़े हैं तहखाने- स्वाति ऊपर तहखाने जांचने के लिए चढ़ी, लेकिन यहां रेंगते हुए अंदर जाना पड़ा। कई केबिन में ताले दिखे, जिसकी चाबियां मांगने पर भी नहीं दी, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में उन्हें तोड़ दिया। एनजीओ के मुताबिक, स्वाति के आने की भनक पड़ते ही अंदर ही अंदर जुड़े तहखानों से सब लड़कियां गायब हो चुकी थीं। स्वाति ने तहखानों के ताले भी खुलवाएं लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।