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दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज की खूबसूरती देखिए, जितना खूबसूरत उतना डराने वाला भी है ये
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sat, 03 Nov 2018 05:41 AM IST
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signature bridge
- फोटो : फोटो: कुमार संजय
उत्तर पूर्वी दिल्ली और वजीरादाबाद के बीच आवाजाही आसान होने जा रही है। बहुप्रतीक्षित सिग्नेचर ब्रिज तैयार है। रविवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पुल का उद्घाटन करेंगे। सप्ताह के पहले कार्यदिवस यानी सोमवार से इस पर वाहन फर्राटा भरने लगेंगे। इससे पहले शुक्रवार को उद्घाटन की तैयारियों का जायजा लेने उत्तर पूर्वी दिल्ली के आप प्रभारी दिलीप पांडेय के साथ उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पहुंचे। (सभी फोटोः कुमार संजय)
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- फोटो : फोटो: कुमार संजय
उन्होंने पूरे पुल का जायजा देकर अधिकारियों को बाकी तैयारियां भी जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। मनीष सिसाोदिया ने कहा कि पुल तैयार है। इससे लोगों की आवाजाही तो आसान होगी ही, यह पर्यटकों के लिये भी सबसे बेहतरीन जगह बनेगा। रविवार शाम करीब चार बजे मुख्यमंत्री पुल दिल्लीवालों के लिए खोल देंगे।
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- फोटो : फोटो: कुमार संजय
उद्घाटन के बाद शाम को यहां लेजर शो होगा। दिलीप पांडेय ने इसे उत्तर-पूर्वी दिल्ली की जनता को दीवाली का तोहफा बताया। साथ ही कहा कि यमुनापार का उपेक्षित पड़ा इलाका विकास के पैमाने पर बाकी दिल्ली से जल्द ही टक्कर लेगा।
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- फोटो : फोटो: कुमार संजय
गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने 2004 में सिग्नेचर ब्रिज प्रोजेक्ट तैयार किया था। दिल्ली कैबिनेट ने प्रोजेक्ट को 2007 में मंजूरी दी। शुरुआती योजना कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले करीब 1131 करोड़ रुपये लागत से प्रोजेक्ट तैयार करने की थी। प्रोजेक्ट में लगातार देरी होती रही। वर्ष 2015 में इसकी लागत करीब 1594 करोड़ रुपये हो गई।
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- फोटो : फोटो: कुमार संजय
सिग्नेचर ब्रिज करीब 1518.37 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाने वाला करीब 251 मीटर ऊंचा ब्रिज होगा। इसके पायलोन की ऊंचाई 154 मीटर होगी। ब्रिज पर 19 स्टे केबल्स हैं। सिग्नेचर ब्रिज का मुख्य आकर्षण उसका मुख्य पायलोन है। पायलोन के चारों तरफ शीशे लगाए गए हैं और लिफ्ट के जरिए जब लोग यहां पर पहुंचेंगे तो उन्हें यहां से दिल्ली का टॉप व्यू देखने को मिलेगा। प्रोजेक्ट की योजना करीब 13 साल पहले शुरू की गयी थी। 2004 में मंजूर इस प्रोजेक्ट को 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले तैयार होना था।