Exclusive: इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद की मदद से हुआ पेटीएम ब्लैकमेल मामले का पर्दाफाश
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इस्राइल की खुफिया एजेंसी मोसाद की मदद से पेटीएम के सीक्रेट डाटा चुराकर ब्लैकमेल करने के मामले का पर्दाफाश हुआ। इससे ही कंपनी की वाइस प्रेसिडेंट सोनिया धवन की संलिप्तता सामने आई। देश की बड़ी मोबाइल वॉलेट कंपनी पेटीएम के एमडी विजय शेखर के पास जब रंगदारी के लिए व्हाट्सएप व वर्चुअल नंबर से कॉल आने लगी तो उन्होंने इस्राइल के कुछ कस्टमर से मदद मांगी।
तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
उनके कस्टमर ने वहां की खुफिया एजेंसी से संपर्क किया और एजेंसी के अधिकारियों ने वर्चुअल नंबर को डी कोड कर कॉलर के बारे में जानकारी दी। यह कॉलर कोलकाता का रोहित चोमल निकला। इसके बाद नोएडा पुलिस ने रोहित व उसके नेटवर्क की जांच की। इसके बाद पुलिस ने सोनिया धवन, उसके पति रूपक जैन और पेटीएम के कर्मचारी देवेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने तीनों को जिला अदालत में पेश किया गया जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में लुक्सर जेल भेज दिया गया है। वहीं, पुलिस टीम मामले में चौथे आरोपी रोहित की तलाश कर रही है।
ऐसे बनाया सोनिया ने गिरोह
पुलिस जांच में पता चला है कि सोनिया पेटीएम में नंबर दो की पोजीशन पर थी। कंपनी में देवेंद्र उसका बहुत खास था। वह कंपनी के एडमिन में काम कर चुका है। देवेंद्र की दोस्ती वर्ष 2014 से कोलकाता की एक युवती से हुई थी। वह युवती कोलकाता के प्रसिद्ध मसाज सेंटर में काम करती है। उस सेंटर पर आरोपी रोहित की मां का आना जाना था। इसके बाद ही कोलकाता में देवेंद्र और रोहित की मुलाकात हुई। रोहित कोलकाता का कारोबारी है। इसके बाद देवेंद्र के माध्यम से ही सोनिया ने रूपक जैन और रोहित चोमल के साथ ब्लैकमेल करने लिए गिरोह बनाया।
आई फोन 7 और लैपटॉप से दिए डाटा
कोतवाली सेक्टर-20 पुलिस की टीम ने मंगलवार को देवेंद्र के घर से एक हार्ड डिस्क बरामद की है। एसएचओ मनोज पंत ने बताया कि इस हार्ड डिस्क में सीक्रेट डेटा है जो सोनिया ने दिए थे। सोनिया ने यह डाटा अपने आईफोन 7 और लैपटॉप से दिए। इनका पासवर्ड कंपनी के एमडी विजय शेखर और सोनिया के पास होता था। सोनिया दो साल से डाटा इकट्ठा करने का काम कर रही थी। उसके मन में काफी पहले से ही ब्लैकमेल करने की योजना थी। पुलिस अब इन आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी में है। इसके बाद कई अहम तथ्यों का खुलासा होगा।
यह है मामला
पेटीएम फाउंडर विजय शेखर के भाई अजय शेखर ने सेक्टर-20 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 सितंबर की शाम करीब 4 बजे वर्चुअल नंबर से एक फोन आया। इसमें कंपनी के डेटा को सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा था। इसके बाद उसी वर्चुअल नंबर से विजय शेखर के पास भी फोन आया था। इसमें भी यही धमकी दी गई थी और इसके एवज में 20 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।
यह है मामला
पेटीएम फाउंडर विजय शेखर के भाई अजय शेखर ने सेक्टर-20 थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 20 सितंबर की शाम करीब 4 बजे वर्चुअल नंबर से एक फोन आया। इसमें कंपनी के डेटा को सार्वजनिक करने की धमकी देकर ब्लैकमेल किया जा रहा था। इसके बाद उसी वर्चुअल नंबर से विजय शेखर के पास भी फोन आया था। इसमें भी यही धमकी दी गई थी और इसके एवज में 20 करोड़ रुपये की मांग की गई थी।