ग्रेटर नोएडा के महागुन मायवुड्स सोसाइटी में हुए हादसे ने एक परिवार का सपना हमेशा के लिए अधूरा छोड़ दिया। परिवार राजस्थान के सीकर में खाटूश्याम मंदिर के पास छोटा-सा आशियाना बनाना चाहता था। इसके लिए 125 गज का प्लॉट पसंद किया था और 14.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ था।
शुक्रवार सुबह 10:30 बजे इसकी रजिस्ट्री होनी थी, लेकिन इससे पहले हुए हादसे में पिता-पुत्र की मौत हो गई। पुलिस जांच के मुताबिक, मूलरूप से कोलकाता का रहने वाला परिवार करीब साढ़े चार साल से ग्रेटर नोएडा में रह रहा था। इससे पहले वे दिल्ली में रहते थे।
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फ्लैट से गिरकर बाप-बेटे की मौत के बाद जांच के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
वर्ष 2022 में दंपती ने महागुन मायवुड्स सोसाइटी में फ्लैट खरीदा था। परिवार सीकर में निवेश के साथ छुट्टियों के दौरान समय बिताने के लिए अपना ठिकाना बनाना चाहता था। खाटूश्याम मंदिर से करीब 10 किमी पहले हाईवे के पास उन्हें प्लॉट पसंद आया था।
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इसी हाईराइज सोसाइटी में हुआ दर्दनाक हादसा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कीमत बाजार भाव से कम होने के कारण उन्होंने इसे खरीदने का फैसला किया। शुक्रवार सुबह रजिस्ट्री के लिए सीकर पहुंचना था। ग्रेटर नोएडा से करीब 429 किमी का सफर तय करने के लिए परिवार ने तड़के निकलने की योजना बनाई थी। सुबह करीब चार बजे प्रॉपर्टी डीलर की कार दंपती को लेने सोसाइटी के बाहर पहुंच गई।
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फ्लैट में हादसे के बाद जांच में जुटी पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
नींद में था इकलौता बेटा, उठने को नहीं था तैयार
उस समय 11 वर्षीय बेटा गहरी नींद में था और उठने को तैयार नहीं था। माता-पिता उसे घर पर अकेला छोड़कर नहीं जाना चाहते थे, इसलिए उसे भी साथ चलने के लिए उठाया गया। परिवार की योजना थी कि खाटूश्याम पहुंचकर भीड़भाड़ से दूर अपने ठिकाने पर रुकेगा और साथ में वीकेंड बिताएगा। हालांकि, सफर शुरू होने से पहले हुए हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
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इसी हाईराइज सोसाइटी में हुआ दर्दनाक हादसा
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बालकनी की रेलिंग की ऊंचाई पर उठे सवाल
हादसे के बाद सोसाइटी की बालकनी की रेलिंग की ऊंचाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। निवासियों का कहना है कि रेलिंग की ऊंचाई अधिक होती तो शायद हादसा टल सकता था। उनके मुताबिक, बालकनी के पास लगा पौधा काफी बढ़ गया था। उसकी झाड़ से फूल तोड़ने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल करना पड़ा।