हादसे का शिकार हुई बस के कागजात अलग-अलग राज्यों से तैयार कराए गए थे। बस का संचालन राज कल्पना ट्रैवल करती थी जिसका कार्यालय मध्य प्रदेश में है। जबकि बस बिहार के मधुबनी जिले में पंजीकृत है।
इसका फिटनेस प्रमाणपत्र राजस्थान से जारी किया गया है। वहीं प्रदूषण प्रमाणपत्र हरियाणा से जारी हुआ है। बस नई दिल्ली स्थित कश्मीरी गेट बस डिपो से महोबा के बीच चलती थी, इसके पास ऑल इंडिया परमिट था। अलग-अलग राज्यों से जुड़े दस्तावेज मिलने के बाद अब यह जांच का विषय है कि बस का वास्तविक संचालक कौन था। अलग-अलग राज्यों में दस्तावेज किस आधार पर जारी किए गए। इसकी जांच भी शुरू हो गई है।
2 of 6
यमुना एक्सप्रेसवे पर जली बस
- फोटो : IANS
मानक से 30 सेमी ज्यादा ऊंची मिली स्लीपर बस
हादसे के बाद परिवहन विभाग की तकनीकी जांच में बस की ऊंचाई निर्धारित मानक से अधिक पाई गई हैं। बस की ऊंचाई 4.1 मीटर मिली जबकि मानक के अनुसार इसकी अधिकतम ऊंचाई 3.8 मीटर होनी चाहिए। बस तय सीमा से करीब 30 सेंटीमीटर अधिक ऊंची थी। पुलिस का कहना है कि बस की तकनीकी स्थिति समेत अन्य बिंदुओं की भी जांच की जा रही है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बस के दस्तावेज और उसके संचालन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
3 of 6
ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस 10 मिनट में पहुंची और 20 एंबुलेंस भेजी गई
हादसे के समय घटनास्थल से करीब 300 मीटर पहले पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ी मौजूद थी। सूचना मिलते ही करीब 10 मिनट में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद दमकल की पांच गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब 45 मिनट में आग पर काबू पा लिया गया। राहत और बचाव अभियान करीब दो घंटे चला। ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे पर तैनात करीब 20 एंबुलेंस को मौके पर भेजे गए। घायलों को ग्रेटर नोएडा के अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
4 of 6
ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग
- फोटो : IANS
जली हुई बस देखने उमड़ी भीड़
बृहस्पतिवार सुबह प्रशासन ने जली हुई बस को एक्सप्रेसवे से हटाकर जेवर के लिए उतरने वाले टोल गेट से कुछ आगे खड़ा कर दिया। सुबह बस को देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। भीड़ बढ़ने के बाद प्रशासन ने बस को वहां से दूसरे स्थान पर ले जाकर खड़ा कर दिया। घटनास्थल पर मौजूद सफाईकर्मियों के अनुसार, बस को सुबह करीब साढ़े सात बजे हादसे वाली जगह से हटाया गया था। बस हटाए जाने के बाद एक्सप्रेसवे पर सफाई का काम किया गया। सफाईकर्मियों ने हादसे के दौरान जले हुए अवशेषों को हटाया। वहीं, जिस स्थान पर बस में आग लगी थी, उससे कुछ दूरी पर यात्रियों के सामान का जला हिस्सा भी पड़ा मिला।
5 of 6
ग्रेटर नोएडा में दर्दनाक हादसा: यमुना एक्सप्रेसवे पर स्लीपर बस में लगी आग
- फोटो : IANS
सुबह से एक्सप्रेसवे की सफाई
यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार देर रात दयानतपुर गांव के पास स्लीपर बस में आग लगने से नौ यात्रियों की मौत हो गई, जबकि कई यात्री घायल हुए हैं। हादसे के बाद बृहस्पतिवार सुबह घटनास्थल पर सफाई का काम शुरू कराया गया, जिससे एक्सप्रेसवे पर आवागमन में राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी न हो। हादसा देर रात करीब 11 बजे के बाद हुआ था। सुबह सात बजे सफाई कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और सड़क पर पड़े सामान तथा अवशेषों को हटाने लगे। सफाई कर्मियों के अनुसार, हादसे के बाद मौके पर यात्रियों के कपड़े और अन्य सामान बिखरे थे।