निठारी कांड के मुख्य आरोपी सुरेंद्र कोली ने कोर्ट में अर्जी देकर अपने केस से अपने अधिवक्ता का वकालतनामा खारिज करने की गुहार लगाई है।
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सुरेंद्र कोली को सातवें मामले में मिली फांसी
- फोटो : अमर उजाला
डासना जेल प्रशासन के माध्यम से भेजी गई इस अर्जी में कोली ने कहा है कि उसका अधिवक्ता जानबूझकर उसे एक ऐसे अपराध का अपराधी बना रहा है, जो उसने किया ही नहीं।
कोली ने अब खुद ही अपने केस की पैरवी करने की गुहार कोर्ट से लगाई है। सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने कोली की अर्जी को मंजूर कर लिया है।
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सुरेंद्र कोली को सातवें मामले में मिली फांसी
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सीबीआई के स्पेशल लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने बताया कि डासना जेल की हाई सिक्योरिटी बैरक में बंद सुरेंद्र कोली की अर्जी को सोमवार सुबह जेल प्रशासन द्वारा कोर्ट में पेश किया गया। अर्जी में कोली ने लिखा है कि एक एनजीओ के अधिवक्ता को उसके द्वारा अपना केस लड़ने की अनुमति दी गई थी।
अब 329 के तहत उसका अधिवक्ता कोर्ट के समक्ष एक ऐसे अपराध की बात कर रहा है, जो उसने किया ही नहीं है। अधिवक्ता ने उसे मानसिक रूप से बीमार बताते हुए कहा है कि मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण उससे अपराध हुए, जबकि उसने कोई अपराध नहीं किया है।