हैदराबाद में निर्भया जैसी घटना होने के बाद एक बार फिर तिहाड़ जेल में बंद निर्भया के चार दोषियों को फांसी देने की मांग तेज हो गई है। वहीं, जेल प्रशासन इस प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने में जोर-शोर से जुटा हुआ है। इधर, निर्भया की मां ने भी सुप्रीम कोर्ट से दोषियों को जल्द फांसी देने की अपील की है। अब सवाल है कि क्या ऐसे में निर्भया के दोषियों को उसी 16 दिसंबर को फांसी दी जाएगी, जब उन्होंने इस घिनौने अपराध को अंजाम या फिर उस 29 दिसंबर को जब निर्भया ने सिंगापुर के अस्पताल में तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया था।
निर्भया के गुनहगारों की फांसी में है अभी कुछ कानूनी रुकावटें, पढ़ें क्या है पूरा मामला
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अगले साल तक टल सकती है फांसी
वहीं, जानकारों के अनुसार निर्भया के गुनाहगारों को फांसी देने में अभी कई कानूनी रुकावटें हैं। इनकी वजह से फांसी अगले साल तक टल सकती है। दोषियों को फांसी देने की राह में सबसे बड़ी रूकावट निर्भया की मां की ओर से पटियाला हाउस कोर्ट में अक्टूबर माह से विचाराधीन अर्जी है, जिसमें दोषियों की फांसी का वारंट शीघ्र जारी करने की मांग की गई है। अदालत ने इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए तिहाड़ जेल के महानिदेशक को चारों दोषियों की स्टेटस रिपोर्ट के साथ 13 दिसंबर को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा है।
दया याचिका पर फैसला बाकी
वहीं, दूसरी ओर एक दोषी विनय शर्मा ने राष्ट्रपति को दया याचिका भेज रखी है जिस पर अभी कोई फैसला नहीं आया है और जब तक कोई फैसला नहीं आता तब तक दोषियों को फांसी नहीं दी जा सकती।
अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की
तीसरी रुकावट है कि इस मामले में दोषियों में से एक अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है जिसे सुनवाई के लिए स्वीकार करते हुए 17 दिसंबर की तारीख तय की है। जब तक इसका फैसला नहीं आता तब तक फांसी नहीं दी जा सकती। वहीं पटियाला हाउस कोर्ट ने सभी दोषियों को 13 दिसंबर को पेश करने के लिए कहा है लेकिन तिहाड़ जेल प्रशासन इन्हें वीडियो कांफ्रेंसिंग से पेश करेगा।
ये भी लगा सकते हैं गुहार
आशंका है कि इस दौरान मुकेश और पवन अदालत से दया याचिका दायर करने की गुहार लगा सकते हैं। ऐसे में अगर अदालत उन्हें याचिका दायर करने की अनुमति देती है तो फांसी कुछ दिन के लिए टल सकती है। संभावना है कि गुनाहगारों को अगले साल फांसी दी जाए।