फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

निर्भया के दोषियों को जब सौंपा गया डेथ वारंट, ऐसा हुआ उनका हाल

Thu, 09 Jan 2020 09:40 AM IST
पूजा त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 09 Jan 2020 09:40 AM IST
विज्ञापन
nirbhaya case all convicts shock to get death penality but feel no guilty tihar want 2 jallad
- फोटो : अमर उजाला

16 दिसंबर 2012 को चलती बस में निर्भया के साथ दरिंदगी करने वाले चारों दोषी तिहाड़ जेल में बंद हैं और 22 जनवरी को इन्हें फांसी दी जानी है। निर्भया के दोषियों की फांसी की सजा की तारीख मुकर्रर होने के बाद तिहाड़ जेल में बुधवार को काफी गहमागहमी रही। एक ओर जहां कैदियों के बीच इस फैसले को लेकर चर्चाएं हो रही है, वहीं जेल प्रशासन ने फांसी की प्रक्रिया को लेकर बैठकें शुरू कर दी हैं। दूसरी ओर सूत्रों का दावा है कि निर्भया के चारों दोषियों को हाई सिक्योरिटी सेल में भेज दिया गया हैं। यहां इन पर सीसीटीवी के अलावा सुरक्षा बल 24 घंटे नजर रखे हुए हैं। जानिए क्या रहा चारों दोषियों का हाल जब उन्हें सौंपा गया डेथ वारंट और तिहाड़ को क्यों चाहिए दो जल्लाद....

nirbhaya case all convicts shock to get death penality but feel no guilty tihar want 2 jallad
निर्भया के दोषी - फोटो : अमर उजाला

डेथ वारंट मिलते ही लड़खड़ाए कदम
पटियाला हाउस कोर्ट से निर्भया के चारों दोषियों के डेथ वारंट जारी होते ही तिहाड़ जेल में हलचल बढ़ गई है। बुधवार को जेल प्रशासन की ओर से सभी दोषी मुकेश (32), पवन गुप्ता (25), विनय शर्मा (26) और अक्षय कुमार सिंह (31) को डेथ वारंट की कॉपी सौंप दी गई। जेल के सूत्रों के अनुसार जब इन्हें डेथ वारंट की कॉपी सौंपी गई तो इसे लेते ही चारों के कदम कुछ लड़खड़ा से गए। इनके अंदर मौत का खौफ देखा जा सकता था। हालांकि सूत्रों का ये भी कहना है कि इनके अंदर कोई पछतावा नहीं दिखा।

nirbhaya case all convicts shock to get death penality but feel no guilty tihar want 2 jallad
निर्भया के चारों दोषी - फोटो : Social Media

अफजल गुरु की तरह तिहाड़ में नहीं दफनाए जाएंगे
जानकारी के अनुसार इन चारों को संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की तरह तिहाड़ जेल में नहीं दफनाया जाएगा, बल्कि इनके परिवारों को इनके शव सौंपे जाएंगे। इस संबंध में भी चारों दोषियों के पड़ोसियों का कहना है कि इनके शवों को दिन के बजाय रात में घर लाया जाए। ताकि बच्चे ये न पूछ लें कि ये कौन हैं और इन्होंने क्या किया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन
nirbhaya case all convicts shock to get death penality but feel no guilty tihar want 2 jallad
- फोटो : सोशल मीडिया

मनोचिकित्सक रख रहे दोषियों पर नजर
जेल सूत्रों का कहना है कि अक्षय, पवन और मुकेश पहले जेल संख्या-2 और विनय जेल संख्या-4 में बंद था। बुधवार को चारों को हाई सिक्योरिटी सेल में शिफ्ट कर दिया गया। चोरों का डेथ वारंट जारी होने के बाद अब जेल मैनुअल के हिसाब से कार्य शुरू कर दिए गए हैं। सभी दोषियों के खानपान और मानसिक स्थिति पर नजर रखी जा रही है। दोषियों की दिनचर्या से जेल अधीक्षक व उप अधीक्षक को थोड़ी-थोड़ी देर में अवगत कराया जा रहा है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि डेथ वारंट जारी होने के बाद से ही चारों ने खाना-पीना बेहद कम कर दिया है।

विज्ञापन
nirbhaya case all convicts shock to get death penality but feel no guilty tihar want 2 jallad
- फोटो : अमर उजाला

दोषियों को फांसी देने के लिए तिहाड़ जेल को दो जल्लादों की तलाश
निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए तिहाड़ जेल प्रशासन दो जल्लादों की सेवाएं ले सकता है। जेल प्रशासन का कहना है कि वह यूपी जेल अथॉरिटी को पत्र लिखकर दो जल्लाद भेजने की बात करेंगे। हालांकि मेरठ के जल्लाद पवन ने कहा है कि वह एक साथ सभी दोषियों को फांसी दे सकता है। सूत्रों का कहना है कि चूंकि एक साथ चार को फांसी पर लटकाना है, उसके लिए दो जल्लादों का होना जरूरी है। ऐसे में दो जल्लादों की व्यवस्था करने की कोशिश की जा रही है। जेल प्रशासन का कहना है कि गुरुवार को इस संबंध में पत्र लिखा जाएगा। उसमें दो जल्लादों को दिल्ली भेजने की बात लिखी जाएगी।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed