यूपी और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित की मौत पहेली बनी हुई है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और जांच के मुताबिक घटना वाले दिन उनके घर में कोई बाहरी नहीं आया। ऐसे में सवाल यह है कि आखिरी रोहित की हत्या किसने की। वहीं इस बीच पुलिस जांच में ये बात सामने आई है कि शायद कातिल को रोहित के घर की एक कमी के बारे में पता था जिसका फायदा उठाकर उसने कत्ल की साजिश रची।
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रोहित शेखर के घर पर तलाशी के लिए पहुंची पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों को रोहित शेखर तिवारी के घर से सात सीसीटीवी कैमरे मिले हैं। इनमें पांच ही चालू हालत में है, बाकी दो कैमरे बंद हैं। माना जा रहा है कि कातिल को ये बात पता थी या फिर उसकी साजिश के तहत ही ये कैमरे जानबूझकर बंद किए गए थे। आगे जानिए कि इन दो कैमरों के बंद होने से कातिल को किस तरह से फायदा हो सकता था...
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रोहित शेखर की पत्नी
- फोटो : अमर उजाला
दरअसल जो दो कैमरे जांच के दौरान बंद मिले हैं, वह रोहित के बेडरूम के बाहर के एरिया और लिविंग रूम के कुछ क्षेत्र को कवर करते हैं। ऐसे में अगर ये दो कैमरे बंद रहें तो यह नहीं जाना जा सकता कि रोहित के कमरे में कौन आया कौन गया। सूत्रों के अनुसार यह शक जताया जा रहा है कि यही कारण हो सकता है कि घर के सात सीसीटीवी कैमरों में से ये दो कैमरे बंद रहे हों।
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रोहित मां उज्जवला के साथ
- फोटो : अमर उजाला
कैमरों की छानबीन के दौरान पुलिस को कोई भी बाहरी शख्स अंदर आता हुआ दिखाई नहीं दिया है। वहीं एक कैमरे में पुलिस को रोहित नशे की हालत में अपने नौकर के साथ कमरे में भी जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस की एक टीम सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की बारीकी से जांच में लगी है।
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रोहित पिता एनडी तिवारी के साथ(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
रोहित हत्याकांड की जांच के लिए शनिवार को क्राइम ब्रांच की टीम डिफेंस कॉलोनी स्थित उनके घर पहुंची। शुरूआती जांच के बाद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज व छानबीन से साफ है कि सोमवार रात कोई बाहरी शख्स घर में दाखिल नहीं हुआ। ऐसे में घर के सदस्य भी शक के दायरे में है।