एनडीएमसी अधिकारी एमएम खान हत्याकांड में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोप के मुद्दे पर भाजपा सांसद महेश गिरी कांस्टीट्यूशन क्लब में खुली बहस के लिए उनका एक घंटे तक इंतजार करते रहे, लेकिन मुख्यमंत्री के नहीं आने पर गिरी ने शाम 5 बजे उनके निवास पर धरना देकर अन्न व जल त्याग दिया। सुब्रमण्यम स्वामी के बाद सांसद मनोज तिवारी भी महेश गिरी का समर्थन करने पहुंचे और उनके विरोध-प्रदर्शन में शामिल हुए। मनोज तिवारी ने कहा कि उन्होंने महेश गिरी का हाल चाल लिया और उन्हें अपनी तबियत का खयाल रखने को कहा। मनोज बोले कि उन पर झूठे आरोप लगे हैं। वहीं महेश गिरी का कहना है कि जरूरत पड़े तो पुलिस मुझसे पूछताछ करे। उन्होंने पुलिस को चिट्ठी भी लिखी।
अब तक राजन के पीछे पड़ा था, अब केजरीवाल की बारी है : सुब्रमण्यम स्वामी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बता दें कि इससे पहले सोमवार सुबह भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी भी महेश गिरी के समर्थन में धरना देने पहुंचे। स्वामी ने कहा कि मैं इसलिए आया हूं क्योंकि केजरीवाल ने महेश गिरी पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। सुब्रमण्यम स्वामी ने ये भी कहा कि अभी तक मैं रघुराम राजन के पीछे पड़ा था, उनका काम हो गया अब केजरीवाल की बारी है। वहीं सीएम केजरीवाल ने कहा है कि मोदी पुलिस को महेश गिरी को गिरफ्तार कर एमएम खान मर्डर केस में पुछताछ करनी चाहिए।
He shud be arrested n interrogated by Modi police in MM Khan murder case. Modi police shielding him https://t.co/CteaT9cWJO
इस मामले पर राजनीति बढ़ती देख वकील एमएम खान की बेटी ने कहा है कि, उनका परिवार नहीं चाहता कि इस मुद्दे का राजनीतिकरण हो। उनका परिवार केवल न्याय चाहता है। उन्होंने आगे कहा कि हम चाहते हैं कि जांच में कोई बाधा ना आए और महेश गिरी से भी भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की।
उनका कहना है कि केजरीवाल आरोप साबित करें या फिर माफी मांगकर त्यागपत्र दें। यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे धरने पर ही बैठे रहेंगे और अपने ऊपर लगे कलंक को खत्म कर ही यहां से उठेंगे। उन्होंने कहा कि योगी हूं, महात्मा गांधी के सिखाए रास्ते पर चलने वाला हूं। खुली बहस के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा, समाचार पत्रों एवं होर्डिंग आदि के माध्यम से खुले मंच पर आमंत्रित किया, लेकिन न केजरीवाल पहुंचे और न ही उनका कोई प्रतिनिधि।
उन्होंने जनता से अपील की कि झूठे को आईना दिखाना बेहद जरूरी है। गिरी ने पत्र लिखकर कहा कि केजरीवाल झूठ की बुनियाद पर अपनी नाकामयाबी छुपाने की कोशिश कर रहे हैं। धरना देने के पहले गिरी ने दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में इस मुद्दे पर खुली बहस के लिए केजरीवाल को आमंत्रित किया था।