लोकसभा चुनाव 2019 में जिस तरह से रुझान आ रहे हैं वह काफी हद तक परिणाम भी साफ कर रहे हैं। अकेले भाजपा ने 295 सीटों पर बढ़त बनाई हुई है वहीं राजग ने 337 सीटों पर बढ़त बना ली है। इस बीच दिल्ली के सातों सीटों पर स्थिति काफी हद तक साफ हो गई है। जहां दिल्ली की सातों सीटों पर बीजेपी अपना कब्जा करती दिख रही है वहीं दूसरे नंबर की रेस में कांग्रेस ने बाजी मार ली है।
2014 में तीसरे नंबर पर रहने वाली कांग्रेस इस बार 5 सीटों पर दूसरा स्थान प्राप्त करती दिख रही है। ये सभी संकेत दिल्ली में आप के पतन की ओर इशारा करते हैं। ये बात आम आदमी पार्टी के लिए न सिर्फ इस चुनाव में बल्कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में भी भारी पड़ सकती है। आगे पढ़िए आखिर कैसे कांग्रेस ने दिल्ली में किया बड़ा उलटफेर जो आप के पतन की ओर कर रही इशारा...
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आप कांग्रेस बीजेपी
- फोटो : सोशल मीडिया
कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व का मजबूत होना- बीते 5 सालों में जिस तरह से हाशिये पर जा चुकी कांग्रेस ने अपने आप को दोबारा मजबूत किया है, उससे पार्टी के मतदाताओं में भरोसा जागा है। राहुल और प्रियंका गांधी दोनों ने ही जिस तरह पार्टी से मुखर होकर पार्टी के लिेए प्रचार किया उसकी वजह से कांग्रेस से छिटका उसका मतदाता फिर उसके पाले में आ गया है। यही बात आम आदमी पार्टी के लिए सबसे बड़ी खतरे की घंटी है। क्योंकि जो मतदाता वर्ग कांग्रेस का है वहीं आम आदमी पार्टी का भी है। अगर कांग्रेस का मतदाता वापस उसके साथ खड़ा हो जाता है तो आम आदमी पार्टी को 2020 विधानसभा चुनाव में भी करारी हार झेलनी पड़ सकती है।
आप-कांग्रेस का गठबंधन न हो पाना- कांग्रेस के उलटफेर करने का एक बड़ा कारण आप-कांग्रेस का गठबंधन न हो पाना भी हो सकता है। उम्मीद की जा रही थी कि वो मतदाता वर्ग जो बीजेपी के शासन से संतुष्ट नहीं है, इस गठबंधन को वोट दे सकता था। लेकिन जब दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन न हो सका और जैसा सबको दिखा वह आप की जिद्द थी। यही वजह है कि मतदाताओं ने आप पर भरोसे की बजाय कांग्रेस पर भरोसा करना ठीक समझा। ऐसे मामले में एक सोच यह भी होती है कि जो केंद्र में सरकार बना सके वोट उसे ही दिया जाए, तो ऐसे में कांग्रेस की संभावना बढ़ जाती है।
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कांग्रेल (फाइल फोटो)
- फोटो : सोशल मीडिया
अल्पसंख्यकों का कांग्रेस पर भरोसा मजबूत होना- अल्पसंख्यक वर्ग, पिछड़ा और गरीब तबका हमेशा से कांग्रेस का वोट बैंक रहा है। लेकिन दिल्ली की राजनीति में आम आदमी पार्टी के पर्दार्पण के बाद कांग्रेस का ये वोट बैंक भी आप की तरफ चला गया। हालांकि इसका एक बड़ा हिस्सा अब भी आम आदमी पार्टी के पास है बावजूद इसके इस वर्ग में अब आप के प्रति मोहभंग की स्थिति पैदा हुई है। ऐसे में यह तबका एक बार फिर कांग्रेस की तरफ ही रुख करेगा।
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सीएम केजरीवाल एलजी अनिल बैजल
- फोटो : पीटीआई
आम आदमी पार्टी और केंद्र के बीच चलने वाली रस्साकशी- आम आदमी पार्टी से लोगों का भरोसा उठने का एक कारण राज्य और केंद्र के बीच चलने वाली रस्साकशी भी हो सकती है। बीते चार सालों में दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के बीच राजधानी के लोगों ने तमाम तरह के विरोध देखें हैं और उन्हें लगता है कि कांग्रेस के समय में कभी ऐसा नहीं रहा। एक ये वजह हो सकती है भाजपा से नाखुश लोगों के लिए कांग्रेस के पास जाने की।