कपड़ा कारोबारी कुलदीप सेवानी की पत्नी रुचिका (42) व बेटे कृष (14) की हत्या के आरोपी नौकर मुकेश ने जिस तरह से रुचिका की हत्या की उससे सुनकर पुलिसवालों के रोंगटे खड़े गए। आरोपी ने रुचिका की गर्दन को घूमा-घूमा कर चारों तरफ से काटा था। उसने बड़े वाले पेने चाकू से रुचिका की गर्दन को 80 फीसदी से ज्यादा काट दिया था। गर्दन में सिर्फ हड्डी बची थी जो कटी नहीं थी। गर्दन के चारों तरफ का मांस काट दिया था।
दिल्ली दोहरा हत्याकांड: नौकर मुकेश की जुबानी पूरी कहानी, खड़े हो गए पुलिसवालों के रोंगटे; बेवजह मारा गया बेटा
लाजपत नगर पुलिस को रुचिका के मोबाइल से ये वॉयस मैसेज मिल गया है। इस वॉयस मैसेज से ये आग बबूला हो गया। ऐसे में उसने मालकिन रुचिका की हत्या करने की ठान ली। वह अपने घर से ही धारदार पैना बड़ा वाला चाकू अपने साथ ले गया था।
रुचिका का वॉयस मैसेज सुन मारने घर पहुंचा था मुकेश
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने बताया कि रुचिका ने आरोपी मुकेश पासवान (24) को बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे वॉयस मैसेज भेजा था। मोबाइल पर मुकेश को वॉयस मैसेज भेजकर रुचिका उधार दिए 45 हजार रुपये और मोबाइल मांगे थे। यही वॉयस मैसेज रुचिका की मौत का तत्कालीक कारण बन गया था। लाजपत नगर थाना पुलिस ने आरोपी को शुक्रवार को कोर्ट में किया। कोर्ट ने उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
दो महीने से बीमार था मुकेश
पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने बताया कि आरोपी करीब दो महीने से बीमार था और वह ड्यूटी पर कम ही आ रहा था। पिछले चार दिन से उसने लगातार छुट्टी कर ली। इस पर रुचिका ने दोपहर 12.30 बजे अपने दो अन्य नौकर प्रेम व सुरेंद्र को आरोपी मुकेश के घर भेज दिया था। यहां इन दोनों ने वीडियो कॉल कर मुकेश की रुचिका से बात कराई थी। वीडियो कॉल पर रुचिका ने उसे बहुत ज्यादा डांट दिया और उधार दिए 45 हजार रुपये मांगे। इसके बाद रुचिका ने दोपहर करीब 3.30 बजे मुकेश को वॉयस मैसेज भेजा था। इस मैसेज में रुचिका ने मुकेश से कहा था कि वह पैसे लिए बिना नहीं मानेगी। वह उसके घर आएगी और उसके पिता के सामने उसकी बेइज्जती करेगी।
लाजपत नगर पुलिस को रुचिका के मोबाइल से ये वॉयस मैसेज मिल गया है। इस वॉयस मैसेज से ये आग बबूला हो गया। ऐसे में उसने मालकिन रुचिका की हत्या करने की ठान ली। वह अपने घर से ही धारदार पैना बड़ा वाला चाकू अपने साथ ले गया था।
रुचिका घर पर नहीं थी
आरोपी मुकेश ने पूछताछ में बताया कि वह बुधवार शाम 6.48 बजे पीड़ित कारोबारी के घर पहुंच गया। उसने नीचे ही देख लिया था कि नीचे स्कूटी नहीं है, इसका मतलब वह घर पर नहीं है। उसे पता था कि रुचिका दुकान से जल्द घर आ जाती है। घटना वाले दिन दांत में दर्द होने के कारण रुचिका डॉक्टर के पास गई थी।
पानी पीने के लिए गेट खुलवाया
रुचिका 7.27 मिनट पर घर आ गई थी। रुचिका को देखकर मुकेश दूसरी मंजिल पर चला गया। ताकि रुचिका उसे देख न सके। जब रुचिका घर के अंदर चली गई तो उसने डोर बैल बजाकर पानी मांगा। रुचिका ने उसे पानी की बोतल लाकर दे दी थी।