उन्नाव पीड़िता की मौत के बाद शनिवार को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस की निगरानी में परिजन शव लेकर गांव के लिए रवाना हो गए। शुक्रवार रात 11 बजकर 40 मिनट पर उन्नाव पीड़िता ने अंतिम सांस ली। शनिवार सुबह अस्पताल के फोरेंसिक विभागाध्यक्ष डॉ. एमके वाही की अध्यक्षता में गठित मेडिकल बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। करीब एक घंटे तक चले पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया गया। परिजनों के अनुसार पीड़िता का अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा।
दम तोड़ने से पहले भाई से गले लगकर उन्नाव पीड़िता ने कही थी यह बात
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पीड़िता की मौत के बाद अस्पताल परिसर में उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। उपचार के लिए अस्पताल आने वालों को छोड़कर किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। अस्पताल में नोएडा और गाजियाबाद प्रशासन के कई आला अधिकारी मौजूद थे। इस बीच गाजियाबाद सिटी के एडीएम शैलेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पीड़िता के शव को उसके गांव ले जाने के लिए प्रशासन ने सड़क और एयर एंबुलेंस दोनों का ही प्रबंध किया था। हालांकि परिजनों की इच्छा के बाद शव को सड़क मार्ग के जरिए भेजा गया है।
उधर, सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि फोरेंसिक विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में गठित मेडिकल बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया है। चूंकि मामला सीधे तौर पर न्यायालय से जुड़ा है इसलिए पोस्टमार्टम के बारे में वे ज्यादा जानकारी नहीं दे सकते हैं। शरीर पर जहर और घुटन के कोई संकेत नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम के अनुसार पीड़िता की मौत पूरी तरह जलने की वजह से हुई है। करीब एक घंटे तक चले इस पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
आखिरी वक्त गले मिलते बहन ने कहा था, सब कुछ खत्म हो गया
पीड़िता की मां और बड़ा भाई अस्पताल परिसर में रोते बिलखते दोषियों को गोलियों से भूनने की मांग कर रहे थे। पीड़िता के भाई ने कहा कि उनकी बहन अग्निपरीक्षा दे चुकी है। अब उसकी ऐसी हालत करने वाले दोषियों को यह परीक्षा देनी होगी। वे हर उस चीख का बदला लेना चाहते हैं जो उसकी बहन के मुंह से निकल रही थी। अपनी आंखों में आंसू लिए भाई ने कहा, मैं अपनी बहन को नहीं बचा पाया लेकिन मैं सरकार से मांग करता हूं कि आरोपियों को भी मौत की सजा मिलनी चाहिए। मैंने उससे वादा किया था कि सब मिलकर उसे बचा लेंगे पर ऐसा हुआ नहीं। आखिरी वक्त मुझसे गले मिलते हुए बहन ने कहा था कि सब कुछ खत्म हो गया। भाई ने कहा कि अपनी बहन के पार्थिव शव को न गंगा में बहाएंगे न ही चिता देंगे। वे उसे धरती माता की गोद में देंगे।
कड़ी सुरक्षा के बीच नोएडा के रास्तों से गुजरा उन्नाव पीड़िता का शव
उन्नाव पीड़िता का शव शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच नोएडा के रास्तों से गुजरा। रास्ते में जगह-जगह पर पुलिस तैनात रही। उन्नाव डिप्टी एसपी पवन और गाजियाबाद के साहिबाबाद सीओ राकेश कुमार मिश्रा शव वाहन के साथ रहे। जेवर टोल प्लाजा तक गाजियाबाद सीओ पूरे पुलिस फोर्स के साथ रहे। इसके बाद उन्नाव डिप्टी एसपी शव लेकर आगे रवाना हो गए। आगे भी हर जिले की पुलिस ने उन्नाव पीड़िता का शव ले जा रही एंबुलेंस को कड़ी सुरक्षा के बीच निकाला। ब्यूरो