{"_id":"5a62fdfe4f1c1b72268b56ee","slug":"know-everything-about-lawyer-prashant-patel-who-bring-aam-aadmi-party-to-20-mla-chaos","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"जानिए उस शख्स के बारे में सबकुछ जिसकी वजह से गिरने की कगार पर है केजरीवाल सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानिए उस शख्स के बारे में सबकुछ जिसकी वजह से गिरने की कगार पर है केजरीवाल सरकार
Sat, 20 Jan 2018 02:54 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 20 Jan 2018 02:54 PM IST
विज्ञापन
1 of 7
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
शुक्रवार को चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को लाभ का पद मामले में अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद आयोग ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति के पास भेज दी। अब अंतिम फैसला राष्ट्रपति कोविंद के हाथ में है। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि पार्टी में भूचाल लाने वाले शख्य कौन हैं ?
2 of 7
पार्टी में भूचाल लाने वाले शख्स 31 साल के प्रशांत पटेल हैं। पटेल हिंदू लीगल सेल के सदस्य हैं। खुद को साधारण व्यक्ति बोलने वाले पटेल का कहना है कि वह एक सधारण व्यक्ति हैं जो राजनीति में रूचि रखते हैं। पटेल ने 19 जून 2015 को तत्कालीन राष्ट्रपति के समक्ष याचिका दायर कर संसदीय सचिवों की गैरकानूनी नियुक्ति पर सवाल खड़े किये थे। उन्होंने यह याचिका केजरीवाल के विधायकों को संसदीय पद पर नियुक्त करने के 98 दिन बाद दायर की थी।
3 of 7
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर से ताल्लुक रखने वाले पटेल ने अपनी आरंभिक शिक्षा जहानाबाद के सरस्वती विघा मंदिर से पूरी की। इसके बाद इलाहाबाद विश्वविघालय से कंप्यूटर और फिजिक्स में ग्रेजुएशन किया। अपनी पोस्ट ग्रेजुएशन की शिक्षा नोएडा के फुटवेयर डिजाइन एंड डेवेलेप्मेंट इंस्टीट्यूट से की। अपनी एलएलबी की पढ़ाई पटेल ने ग्रेटर नोएडा की चौधरी चरण सिंह विश्वविघायल से पूरी की।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 7
इससे पहले प्रशांत पटेल 2014 में सुर्खियों में आये थे जब उन्होंने फिल्म पीके में हिंदू देवी देवताओं का गलत चित्रण करने पर एक्टर आमिर खान और डायरेक्टर राजकुमार हिरानी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद जेएनयू नारेबाजी मामले में दोषी कन्हिया कुमार ने जब अपनी बेल के लिए अर्जी दी थी तब पटेल ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में हस्तक्षेप किया था।
विज्ञापन
5 of 7
पटेल ने अपनी याचिका में विधायकों की नियुक्ति का विरोध किया था। उन्होंने कहा था कि वह लाभ के पद का प्रयोग कर रहे हैं और उनकी सदस्यता को अयोग्य घोषित किया जाए। पटेल के ऐसा करने के ठीक बाद केजरीवाल ने साल 2015 में दिल्ली विधानसभा में एक बिल पास किया जिसमें संसदीय सचिवों को लाभ के पद से अलग रखा गया था। फिर बिल तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के पास गया जिसके बाद उन्होंने यह मामला चुनाव आयोग को सौंप दिया।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे| Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।