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Garjana Rally: किसान नेता बोले- हम सरकार को जगाने आए, अन्न खिलाने वाले हाथ वक्त आने पर पानी पिला सकते हैं

Mon, 19 Dec 2022 09:58 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Mon, 19 Dec 2022 09:58 PM IST
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Kisan Garjana Rally which party working in interest of farmers will form government in 2024 we not getting fai
किसान गर्जना रैली - फोटो : अमर उजाला

आरएसएस समर्थित भारतीय किसान संघ ने सोमवार को केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खरी-खोटी सुनाई। किसानों के हक में आवाज बुलंद करने रामलीला मैदान पर जुटे भारतीय किसान संघ ने मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि किसानों के अधिकारों को लेकर किए गए प्रधानमंत्री के वादे कोरे साबित हुए हैं। संघ के राष्ट्रीय महामंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा कि फसलों पर उनको उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। बीज, खाद, दवाइयों, औजार पर लगने वाला जीएसटी क्रेडिट भी नहीं मिला। आय में बढ़ोतरी न होने से उनकी रोजमर्रा की समस्याएं ज्यों की त्यों हैं। सरकार का वाणिज्य विभाग किसानों से दुश्मनी पर उतारू है। भारतीय किसान संघ ने चेतावनी दी है कि किसानों के हित में काम करने वाली सरकार ही देश पर राज करेगी।

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किसान गर्जना रैली - फोटो : अमर उजाला

इससे पहले भारतीय किसान संघ ने रामलीला मैदान में सोमवार को किसान गर्जना रैली बुलाई थी। इसमें बड़ी संख्या से देशभर से किसान जुटे। आयोजकों का दावा था कि हुंकार रैली में करीब 60 हजार किसान शामिल हुए हैं। इसे संबोधित करते हुए मोहिनी मोहन मिश्र ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा किसान संगठन दिल्ली में सरकार को नींद से जगाने आया है। यदि समय रहते सरकार नहीं जागी तो ये गर्जना और मुखर होगी। कोविड के संकट के दौरान भारत के किसानों ने पूरे देश को हर हाल में अनाज मुहैया कराया। किसानों ने जान जोखिम में डालकर खेतों में अन्न पैदा किया और देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में खाद्यान्न की पूर्ति करके भारत का मान बढ़ाया। जब देश का किसान सभी को खाना खिला सकता है तो समय आने पर पानी भी पिला सकता है।

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किसान गर्जना रैली - फोटो : अमर उजाला

मोहनी मोहन ने सरकार द्वारा जीएम सरसों को लागू करने के फैसले को घातक बताया। उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार जैव विविधता को बढ़ावा देने की बात करती है, दूसरी ओर नपुंसकता और कैंसर को बढ़ाने वाली घातक जीएम फसलों से जनता की जान को संकट में डाल रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होने दिया जाएगा, जब तक सरकार इस फैसले को वापस नहीं लेती, तब तक किसानों का विरोध हर स्तर पर जारी रहेगा। उन्होंने मंच से जहर नहीं जैविक चाहिए का नारा दिया और किसानों को जीएम सरसों का विरोध करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि सरकार की तरफ से छह लाख करोड़ की सब्सिडी बीज कंपनियों को दी गई, जबकि यह किसानों का हक था। किसान खुद बीज का सृजन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें अनदेखा किया जा रहा है। किसानों के साथ बाजार से लेकर मंडी तक लूट का सिलसिला जारी है।

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किसान गर्जना रैली - फोटो : अमर उजाला

प्रदेश और केंद्र सरकार समय रहते मांगों का निराकरण करें
भारतीय किसान संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने चेताया कि प्रदेश और केंद्र सरकार ने समय रहते उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया तो सरकार पर संकट के बादल गहरे होना निश्चित है। भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भैयाराम मौर्य, रामभरोसे बासोतिया, पेरूमल, कपिला मुठे, राष्ट्रीय मंत्री साईं रेड्डी, भानू थापा, वीणा सतीष, प्रमोद चौधरी, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख राघवेन्द्र सिंह पटेल सहित अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सभी सदस्य मौके पर उपस्थित रहे। राष्ट्रीय मंत्री बाबूभाई पटेल ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन पढ़कर सुनाया और मांगें मानने का आह्वान किया।

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इंडिया गेट पर मौजूद किसान - फोटो : अमर उजाला

26 क्षेत्रीय भाषाओं में भाषण दिया
देश के सभी राज्यों से आए भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्षों व पदाधिकारियों ने मंच से किसानों को संबोधित किया। इस दौरान आंध्र प्रदेश, मणिपुर, मिजोरम, पंजाब, अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, ओडिशा सहित अन्य राज्यों के प्रदेश पदाधिकारियों ने अपने राज्य की 26 क्षेत्रीय भाषाओं में भाषण देकर किसानों को संबोधित किया। इस दौरान ढोल नगाड़े, मजीरे बजाकर किसानों ने अपने क्षेत्रीय नेताओं का स्वागत किया। गले में किसान संघ का गमछा डाले किसान हाथ में झंडा थामे हुए थे।

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